मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन पूरा करने का लक्ष्य अब 25 मार्च तक रखा गया है।
मूलयांकन के लिए शिक्षकों के योगदान न देने के कारण पूर्व निर्धारित समय पर कॉपी जांच पूरी नहीं हो सकी है। इसके कारण रिजल्ट में भी देरी की संभावना जताई जा रही है।

कुल 1470 शिक्षकों में सोमवार तक करीब 300 शिक्षकों ने कॉपियों की जांच के लिए योगदान दे दिया है।इधर, सीईओ डॉ. विमल ठाकुर ने कहा है कि अब तक 23 फीसदी कॉपियों की जांच पूरी हो चुकी है। कॉपी जांच में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि 25 मार्च तक मैट्रिक परीक्षा की कॉपी जांच को पूरा कर लिया जाएगा।

Input: हिन्दुस्तान



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