औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड के चेई नवादा पंचायत के महुआडी स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में तीन महीने से कोई शिक्षक तैनात नहीं है। शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण विद्यालय में नामांकित 250 बच्चों का भविष्य ही संकट में फंस गया है।
नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से लेकर पांचवी तक के 250 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। इस विद्यालय पर तीन महीने से ताला लटका हुआ है। कोई भी शिक्षक यहां तैनात नहीं है ग्रामीणों ने अधिकारियों को इस बारे में कई बार शिकायत भी की लेकिन अफसरों को बच्चों के भविष्य की कतई चिंता नहीं है। उस जगह को देखने जाएंगे तो वहां एक अलग ही नजारा मिलेगा क्योकि वहां ताला लटका हुआ है।

पढ़ने जाते है बच्चे लेकिन शिक्षक न रहने के कारण घूमकर चले जाते हैं घर
ग्रामीण अमित कुमार, विपिन कुमार सिंह, रंजन कुमार, प्रसिद्ध सिंह, राहुल कुमार, पिंटू सिंह, बैजनाथ सिंह, सुबोध सिंह, अमरेश कुमार सिंह आदि ने बताया कि तीन माह से स्कूल में शिक्षक नहीं आने की वजह से स्कूल बंद पड़ा है। बच्चे इधर उधर घूम कर अपना समय व्यतीत करते हैं। गांव से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित पहरपुरा में विद्यालय है लेकिन यातायात की सुविधा नहीं होने के कारण बच्चे वहां नहीं जाते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल बंद होने से गरीब आदमी परेशान है क्योंकि प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने के लिए पैसे नहीं है। स्कूल बंद होने की कई बार शिकायत की जा चुकी है। वैसे ही कोरोना काल में बच्चों के शिक्षा पर प्रभाव पड़ा है। इधर तीन माह से विद्यालय बंद होने के कारण बच्चे की पढ़ाई बर्बाद हो चुका है।



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