15 अगस्त की दोपहर गया-डोभी रोड स्थित डीएवी स्कूल की छात्रा की स्कूल बस से कुचले जाने से हुई मौत का मामले में जिला प्रशासन सख्त कदम उठाया है। डीएम त्यागराजन ने परिवहन विभाग को इस मामले की जांच करने को फरमान जारी किया है। साथ ही उन्होंने सात दिनों के अंदर स्कूलों के मालिकों के साथ बैठ कर स्कूल के बस चालकों को परिवहन से जुड़ी ट्रेनिंग दिए जाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश जिले भर के स्कूलों पर प्रभावी होगा। जिले के भर के निजी स्कूलों के मालिकों को न केवल खुद बैठक में आना होगा बल्कि बस के चालकों के साथ परिवहन की ट्रेनिंग भी लेनी होगी।
डीएम डॉ त्यागराजन ने कहा कि स्कूल की छात्रा की मौत से जिला प्रशासन दुखी है। इस तरह की घटनाएं स्कूल बस से न हो इस बात के लिए स्कूल प्रबंधन को सजग रहना होगा। चूंकि बच्चे स्कूल बस या फिर स्कूल के अन्य यातायात संसाधनों से ही स्कूल आते-जाते हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी बन जाती है कि इस तरह की घटनाएं किसी भी हाल में न हो। इसके लिए उन्हें अपने चालकों को नियमित तौर पर परिवहन से जुड़े अहम तथ्यों की ट्रेनिंग लेनी होगी।
गौरतलब है कि बीती 15 अगस्त की दोपहर डीएवी स्कूल में झंडा फहराए जाने के बाद स्कूल बसों को जो स्कूल के बाहर सड़क के किनारे खड़ी थीं। उन सभी बसों के चालकों को बसों को स्कूल के अंदर लाने को कहा गया था। वहीं बच्चे भी स्कूल से अपने अभिभावकों के साथ स्कूल से बाहर निकल रहे थे। इसी बीच कक्षा दो में पढ़ने वाली माही स्कूल बस की चपेट में आ गई थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस बात से गुस्साए अभिभावकों ने तीन घंटे तक स्कूल के बाहर बवाल काटा था। पुलिस द्वारा काफी समझाए जाने के बाद अभिभावक माने थे और बच्ची के शव को उठाने दिया था।








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