राजधानी में चेन और मोबाइल स्नेचिंग की बढ़ती वारदातों ने पटना पुलिस को परेशान कर रखा है। हर दिन किसी न किसी इलाके से स्नेचिंग की वारदात को बाइक सवार शातिर अपराधी आसानी से अंजाम देकर फरार हो जा रहे हैं। मंगलवार को फ्रेजर रोड में ही एक न्यूज चैनल के MD के साथ चेन स्नेचिंग की घटना हो गई। अपराधी आराम से फरार भी हो गए। स्नेचिंग की वारदातों पर लगाम लगाने के लिए पटना पुलिस की तरफ से एक ठोस कदम उठाया गया है। SSP मानवजीत सिंह ढ़िल्लों ने एक स्पेशल स्क्वायड का गठन कर दिया है। इस स्क्वायड में पुलिस के 4 अफसर के साथ 4 जवान होंगे। इनके अलावा 10 कांस्टेबल को भी खास तौर पर लगाया गया है।
हर थाना से एक अफसर को भी मिली जिम्मेदारी
SSP के अनुसार स्नेचिंग के मामलों में पटना का सेंट्रल जोन सबसे अधिक प्रभावित है। ऐसे में इस जोन के तहत आने वाले हर एक थाना से वहां पोस्टेड एक अफसर को भी अलग से स्नेचिंग की वारदातों को रोकने के लिए लगाया गया है। स्पेशल स्क्वायड और अलग से लगाए गए कांस्टेबल लगातार इलाकों में घूमेंगे। सुबह में मॉर्निंग वॉक के टाइम खास ध्यान देंगे। भीड़भाड़ वाले इलाके में भी नजर रखेंगे। स्नेचिंग की घटना की सूचना मिलते ही स्पेशल टीम मूव करेगी। अपराधी को पकड़ने की कोशिश करेगी। सबसे अधिक गांधी मैदान का एरिया प्रभावित है। क्योंकि, लोग मॉर्निंग वॉक करने यहीं आते हैं। इसके साथ ही इक्को पार्क, जू, आर ब्लॉक, एसके पुरी, बोरिंग रोड और बोरिंग कैनाल रोड का इलाके में भी मॉर्निंग वॉक करने वाले शतिरों के निशाने पर होते हैं। इस कारण पुलिस की दो टीम एक इक्को पार्क और दूसरा जू के गेट नंबर 2 पर तैनात रहेगी।

SSP के अनुसार स्नेचिंग के मामलों में पटना का सेंट्रल जोन सबसे अधिक प्रभावित है।
तैयार हो रही है अपराधियों की लिस्ट
शहर में गलियों की संख्या काफी है। जिसका फायदा अक्सर अपराधी उठाते हैं। SSP ने कहा कि ऐसे में हर जगह पुलिस पिकेटिंग नहीं कर सकती है। इसलिए अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए सबसे पहले पिछले तीन सालों में जिन एरिया में सबसे अधिक घटना हुई, उन्हें चिन्हित किया गया है। उन इलाकों से पहले कौन-कौन से अपराधी पकड़े गए हैं? उनमें कौन से अपराधी जेल से छुट कर आए हैं और कौन बेल पर हैं? इसका डिटेल तैयार किया जा रहा है। लिस्ट तैयार होने के बाद आगे की कार्रवाई भी होगी।



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