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जमीन अधिग्रहण के 7 वर्ष बाद शुरू हुआ काम:हाजीपुर-मुजफ्फरपुर फोरलेन और हाजीपुर बायपास निर्माण की चौथी डेडलाइन भी फेल

हाजीपुर-मुजफ्फरपुर फोरलेन एवं हाजीपुर बायपास के निर्माण की चौथी डेडलाइन भी फेल हो गई है। अब इसका काम मार्च 2023 में पूरा होगा। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नई डेडलाइन दी है।

अकेले इसी साल इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की दो डेडलाइन फेल हो चुकी है। पहली डेडलाइन मार्च 2022 तक थी। जिसके फेल हो जाने के बाद दोबारा 30 जून 2022 तक काम पूरा होने की डेडलाइन तय की गई। इसके बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। इससे पहले दिसंबर 2021 में इसके चालू हो जाने की संभावना जताई गई थी।

63.17 किमी लंबी हाजीपुर-मुजफ्फरपुर फोरलेन की अनुमानित लागत करीब 671 करोड़ रुपए है। इस फोरलेन प्रोजेक्ट पर 2010 में काम शुरू हुआ था। लेकिन, जमीन अधिग्रहण की बाधाओं के कारण 2013 से 2020 तक सात वर्षों तक काम बंद रहा। जिसके बाद एनएचएआई ने प्रोजेक्ट काे डी-स्काेप की श्रेणी में डाल कर इसे बंद करने का निर्णय ले लिया।

लेकिन, पथ निर्माण विभाग की पहल के बाद 27 जून 2020 से प्रोजेक्ट पर नए सिरे से काम शुरू हुआ। जमीन अधिग्रहण की समस्या भी लगभग दूर कर ली गई है। 63.17 किमी में से करीब 54 किमी लंबाई में सड़क का निर्माण हो चुका है।

लेकिन, सिर्फ 7 किमी का काम पूरा नहीं होने से यह प्रोजेक्ट अधूरा है। इधर, 17 किलाेमीटर लंबाई में हाजीपुर बायपास का निर्माण होना है। इस पर अलग से 180 करोड़ खर्च होना है। 17 में से 6 किलाेमीटर बायपास का निर्माण 8 वर्ष पहले हाे चुका है। लेकिन, लेकिन, एनएच-102 के ऊपर फ्लाईओवर, दाे बड़े पुल और एक रेल ओवरब्रिज का निर्माण अभी आधा-अधूरा है।

मुजफ्फरपुर फोरलेन

671 करोड़ की लागत से 63.17 किमी में होना है निर्माण, 54 किमी लंबाई में काम हो चुका पूरा

हाजीपुर बायपास

180 करोड़ रुपए की लागत से 17 किलोमीटर लंबाई में बायपास सड़क का होना है निर्माण

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