वाराणसी के डोमरी गांव में बिहार का रहने वाला एक तथाकथित बाबा कैंसर तक की किसी भी बीमारी को झाड़-फूंक से ठीक करने का दावा कर रहा था। इसके चलते सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस ने तथाकथित बाबा और उसके सहयोगी को समझाया कि वे अफवाह न फैलाएं।
दोनों तथाकथित बाबाओं ने बात नहीं मानी, तो उनके खिलाफ रामनगर थाने में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की सख्ती की भनक लगने पर दोनों बाबा डोमरी गांव छोड़ कर भाग गए हैं। पुलिस की दो टीमें दोनों तथाकथित बाबाओं की तलाश कर रही हैं।

पुलिस की जांच में सामने आया कि बाबा मुकेश नोनिया बिहार में भी भीड़ जुटाकर झाड़-फूंक से इलाज का फर्जी दावा करता रहा है।

गांव में गश्त के लिए पहुंचे, तो पता लगा
सूजाबाद चौकी प्रभारी मोहम्मद सूफियान के अनुसार, वह डोमरी गांव में गश्त करने गए थे। गांव में उन्होंने देखा कि लाल बाबा मंदिर में भारी भीड़ जुटी हुई है। मंदिर जाने पर पता लगा कि पुजारी बाबा राम भरोस ने वहां बिहार के कैमूर (भभुआ) के सिकंदरपुर के रहने वाले बाबा मुकेश नोनिया को बुलाया है।
बाबा मुकेश नोनिया भीड़ में दावा कर रहा था कि वह कोई भी बीमारी झाड़-फूंक के सहारे ठीक कर सकता है। इसके साथ गूंगेपन, बहरेपन, किसी भी तरह की विकलांगता और भूत-प्रेत से पीड़ित लोगों को भी वह झाड़-फूंक से ठीक कर देता है।

बिहार-झारखंड और एमपी से आए थे लोग
दरोगा मोहम्मद सूफियान ने कहा, “भीड़ में शामिल लोगों से बातचीत की। पता लगा कि स्थानीय लोगों के साथ ही वहां मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड से भी लोग आए थे। लोगों को समझाया कि किसी भी बीमारी का उपचार कोई तांत्रिक नहीं कर सकता है। मगर, कोई बात सुनने को तैयार ही नहीं था। हालांकि, किसी तरह से उन्होंने मंदिर से भीड़ को हटाया।”
उन्होंने आगे कहा, “बाबा मुकेश नोनिया और बाबा रामभरोस द्वारा इस तरह से भीड़ जुटाए जाने से कोई अप्रिय घटना घट सकती है। इसलिए दोनों के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए रामनगर थाने में तहरीर दी।” इस मामले में रामनगर थाना प्रभारी अश्विनी पांडेय ने बताया, “दोनों तथाकथित बाबाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।”




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