सीतामढ़ी जिले के 4 बेटों ने बीपीएससी की परीक्षा में बाजी मारकर जिले का नाम रोशन किया है। सीतामढ़ी शहर के मेहसौल गांव निवासी हाईस्कूल के हेडमास्टर रहे स्वर्गीय बदरुल हसन के पुत्र मोहम्मद समसुल हसन ने प्रथम प्रयास में ही यूपीएससी की परीक्षा में 64वां स्थान प्राप्त किया है। समरुल ने फोन पर बातचीत में बताया कि वह आईएएस बनना चाहता है।null

माधव पाठक।
वहीं परिहार प्रखंड के सहस राम गांव निवासी कृष्ण बिहारी ठाकुर के पुत्र आशुतोष अभिषेक ने बीपीएससी 66 वीं की परीक्षा पास कर सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर चयनित हो गया है। इसकी प्रारंभिक पढ़ाई सुरसंड स्थित सरयू हाइस्कूल से हुई। उसके बाद एनआईटी राउरकेला से इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में एमटेक की डिग्री प्राप्त किया। ‘प्रसार भारती’ की परीक्षा उतीर्ण होने पर उसकी नियुक्ति पटना स्थित दूरदर्शन में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर हुई। फिलहाल वह विधानसभा पटना में कार्यरत है।

आशुतोष अभिषेक की फाइल फोटो।
वहीं सुरसंड के ही नवाही चांदनी चौक निवासी किसान अरुण कुमार पाठक का पुत्र माधव पाठक ने पहले प्रयास में ही बीपीएससी की 66वीं परीक्षा पास कर लिया और इसका भी चयन सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर हुआ है। उसकी प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई केंद्रीय विद्यालय जवाहर नगर सुतिहारा से हुई। उसके बाद बिहार बोर्ड से कोइरिया पिपरा प्लस-टू हाइस्कूल से बारहवीं पास करने के बाद एनआईटी राउरकेला से बीटेक किया। फिर उसने कोटा में एलएन कैरियर नामक इंस्टीच्यूट में चार माह तक व्याख्याता के पद पर कार्यरत रहा। कोरोना काल में लॉकडाउन लगने के बाद वह अपने घर लौट गया।दो वर्ष तक घर पर रहकर आगे की तैयारी में था। माधव का बड़ा भाई विकास पाठक भी बीटेक करने के बाद दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा है।

ओमप्रकाश की फाइल फोटो।
वहीं बथनाहा प्रखंड के भटौलिया गांव निवासी रामबरण राउत के पुत्र ओमप्रकाश ने भी 66वीं बीपीएससी की 73 वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की है। इसका चयन बिहार पुलिस सेवा में डीएसपी के पद पर हुआ है। वर्तमान में केंद्रीय एक्साइज एंड जीएसटी सुप्रिटेंडेंट के रूप में गुजरात के वडोदरा में पोस्टेड हैं। इसकी प्रारंभिक और कॉलेज की पढ़ाई सीतामढ़ी से ही हुई है। इसके पिता रामबरण राउत सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और माता प्रियंका कुमारी वर्तमान में बेतिया में शिक्षिका हैं।



Leave a Reply