जिले के दक्षिण व पश्चिम में प्रवाहित सरयू नदी का जलस्तर गंगपुर सिसवन व दरौली में तेजी से बढ़ रहा है। सरयू का जलस्तर दरौली में डेंजर लेबर को पार कर गया है। जबकि गंगपुर सिसवन में यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान गंगपुर सिसवन में नदी का जलस्तर प्रति 2 घंटे में सवा सेटी मीटर बढ़ रहा है। जबकि दरौली में सैलाब के पानी में मामूली बढ़ाव है। यहां 24 घंटे में 3 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक गंगपुर सिसवन में सरयू का जलस्तर सोमवार को 55.29 मीटर रिकार्ड किया गया। 31 जुलाई की दोपहर 3:00 बजे गंगपुर सिसवन में नदी का जलस्तर 55.14 मीटर रिकॉर्ड व 30 जुलाई की दोपहर यहां नदी का जलस्तर 54.95 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। दरौली में सोमवार की दोपहर तीन बजे नदी का जलस्तर 59.93 मीटर रिकार्ड किया गया। 31 जुलाई की दोपहर 3:00 बजे सरयू नदी का जलस्तर 59.90 मीटर व 30 जुलाई की दोपहर यहां नदी का जलस्तर 59.74 मीटर रिकॉर्ड किया गया था । नदी का जलस्तर गंगपुर सिसवन में वार्निंग लेवल के समीप हैं। जबकि दरौली में खतरे के निशान को पार कर गया है। गंगपुर सिसवन में नदी का वार्निंग का निशान 56.04 मीटर है जबकि दरौली में खतरे का निशान 59 .82 मीटर है। इस वजर सरयू नदी के तटीय इलाके लोगों के बीच दहशत है। सरयू नदी के तटीय इलाके में रहने वाले लोग अब सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे है। कई गांवों में लोग तटबंध पर जीवन यापन कर रहे है। हालांकि अभी आस पास के इलाकों में पानी कम है। इस वजह से तटबंध पर रहने वालों की संख्या कम है।
जलग्रहण क्षेत्र में बारिश से बाढ़ की स्थिति
दरौली| दरौली सरयू नदी में उफान जारी है। नदी के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते दरौली में सरयू नदी उफना पर है। सरयू नदी के जलस्तर में प्रतिदिन दस से बारह सेमी. के रफ्तार से वृद्धि हो रही है। पिछले दिनों में लगातार दरौली सरयु नदी में गिरावट दर्ज की गई थी । लेकिन फिर से दुबरा जलस्तर में वृद्धी के कारण निचले क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना से हलचल तेज हो गई है। तटवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोग पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए तैयारी में जूट गये हैं। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन भी अलर्ट पर है। बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरयू नदी का जलस्तर उफान पर है । बंधों की निगरानी की जा रही है। दरौली सीओ ने बताया कि नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।







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