सीवान में दरौंदा थाना क्षेत्र के पश्चिमी हड़सर गांव में 05 जून 2021 को मकान बनाने के दौरान छत से गिरकर एक मजदूर की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में मृतक हड़सर गांव निवासी राजवंशी राम की पत्नी मुरती देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में गुहार लगाया था। जिस मामले गुरुवार को जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बिपिन राय ने मुख्यमंत्री जनता दरबार से आये आवेदन का जांच करते हुए दरौंदा पीड़िता घर पहुंचे और पीड़ित परिजनों से मुलाकात की।
दरअसल करीब 1 साल पूर्व पश्चिमी हड़सर गांव में सुखदेव महतो के घर राजवंशी राम मजदूरी के लिए गया था। इसी दौरान वह छत से नीचे गिर गया था। जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। राजवंशी राम के मौत के बाद उनकी पत्नी मुरती देवी ने दरौंदा थाना में सुखदेव महतो एवं उनके पुत्र धनंजय महतो को आरोपित मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। लेकिन उस समय थाना प्रभारी अजित कुमार सिंह द्वारा आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया था।

छानबीन करने पहुंची पुलिस।
कई महीनों तक खाने के चक्कर काट रही महिला की शिकायत नहीं दर्ज हुई तो मुरती देवी ने पुलिस कप्तान को आवेदन दिया था। इसके बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। जिसके बाद आवेदिका ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार मे आवेदन किया। मुख्यमंत्री ने आवेदन का संज्ञान लेते हुए। जिला अधिकारी को जांच का आदेश दिया।
जिला अधिकारी के आदेश पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बिपिन राय ने लगभग एक साल बाद जांच करने के लिए पश्चिमी हड़सर गांव में दरौंदा के पूर्व थाना प्रभारी अजित कुमार सिंह,वर्तमान थाना प्रभारी कैप्टन शाहनवज एवं अंचलाधिकारी दिनानाथ कुमार के साथ पहुंचे। स्थल जांच के क्रम में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बिपिन राय ने संबंधित अधिकारियों से मामले में 1 साल गुजर जाने के बावजूद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का कारण पूछा है। उन्होंने कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है जो भी आरोपी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।



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