जंक्शन के प्लेटफाॅर्म नंबर-2, 3, 4 व 5 पर हर दिन 20 हजार से अधिक यात्री आते-जाते हैं। लेकिन चाराें प्लेटफाॅर्म पर यूरिनल और पानी की व्यवस्था नहीं है। इस कारण जब काेई ट्रेन जंक्शन पर आकर खड़ी हाेती है, यात्री ट्रेन के बाथरूम में यूरिनल(पेशाब) करने घुस जाते हैं। इसके कारण कई बार यात्री की जान पर बन आती है। रविवार काे भी एक यात्री की जान जाते-जाते बची।
हुआं यू कि माेतिहारी के हरसिद्धि थाने के ओलहां निवासी 56 वर्षीय रामाशीष सिंह काे गाेंदिया एक्सप्रेस से यात्रा करनी थी। वे दाे नंबर प्लेटफाॅर्म पर ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे। इस बीच उन्हें पेशाब लगी। कई यात्रियाें, कुली और रेलकर्मियाें से यूरिनल के बारे में पूछा ताे पता चला कि दाे-तीन नंबर प्लेटफाॅर्म पर काेई यूरिनल है ही नहीं। इसके लिए एक नंबर पर जाना हाेगा।
यूरिनल और शाैचालय एक नंबर पर पूरब और पश्चिम में है। दाे, तीन, चार व पांच नंबर प्लेटफॉर्म पर एक भी यूनिरल नहीं है। इसी बीच सरयू-यमुना एक़्सप्रेस आ गई। वे सरयू-यमुना में पेशाब करने के लिए चढ़ गए। इसी बीच ट्रेन खुल गई। जिसके बाद वे ट्रेन से कूद गए। उन्हें काफी चाेट लगी।
असुविधा : हर दिन 20 हजार से अधिक लाेग इन चाराें प्लेटफाॅर्म से करते है यात्रा, यूरिनल नहीं रहने से यात्री ट्रेन आने का करते हैं इंतजार
नतीजा सिफर : हर माह तीन अधिकारियाें की टीम जंक्शन पर यात्री सुविधाओं का लेती है जायजा, लेकिन नहीं होता इंतजाम
बताया जाता है कि जंक्शन पर यात्री सुविधाओं काे बढ़ाने के लिए हर माह तीन बड़े अधिकारियाें की टीम साेनपुर, हाजीपुर से जंक्शन आती है। डीआरएम, एडीआरएम, सीनियर डीएसएम के अलावे जाेन स्तर के अधिकारी भी यहां आते रहते हैं। यात्री सुविधाएं बढ़ाने काे लेकर कई तरह की घाेषणाएं कर चले जाते हैं। लेकिन आश्चर्य की बात है कि यात्री सुविधाओं में किसी तरह का सुधार नहीं हाेता।
मुजफ्फरपुर जंक्शन सोनपुर रेल मंडल का सबसे अधिक राजस्व देने वाला स्टेशन है। बावजूद इसके सभी प्लेटफाॅर्म का फर्श टूटा हुआ है। यहां आए दिन यात्री गिरते रहते हैं। बारिश हाेने पर शेड से पानी टपकने से यात्रियाें के खड़े हाेने तक की जगह नहीं रहती। काेच इंडिकेटर कभी ठीक ही नहीं हुआ। गलत बाेगी दर्शाने से हमेशा भगदड़ सी स्थिति उत्पन्न हाेती रहती है। पीने के पानी का नलका एक नंबर प्लेटफाॅर्म पर इंजन लगने के स्थान पर है। वहीं एक पीछे में है। चाराें ओर गंदगी की भरमार है।






Comment here