स्मार्ट सिटी के नए एमडी सह नगर आयुक्त आशुतोष द्विवेदी ने शनिवार की आधी रात शहर में चल रहे स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट का जायजा लिया। कदम कदम पर एमडी ने तकनीकी गड़बड़ी पकड़ी। 20 मजदूरों की जगह चार-पांच मजदूरों से नाला बनाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पीएमसी को एजेंसियों के राशि में कटौती का निर्देश दिया। 2 दिनों के अंदर सभी निर्माण एजेंसी व इंजीनियरों को एमडी ने उच्चस्तरीय समीक्षा के लिए तलब किया है।
मोतीझील में ड्रेनेज निर्माण का जायजा लेने के बाद सरैयागंज टावर से आगे यूबी टावर के सामने ड्रेनेज निर्माण का एमडी ने जायजा लिया। 4 माह से यहां नाला का निर्माण नहीं हो रहा है। गड्ढा खोदकर छोड़ा हुआ है। पिछले दिनों आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर विकास शर्मा का पैर इसी जगह फैक्चर हुआ था।
निर्माण को लेकर एजेंसी से जब एमडी ने कम गहराई का नाला बनाने को लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि यह अस्थाई नाला बनाया जा रहा है। बाद में इसको तोड़ दिया जाएगा। पीएमसी के कंसल्टेंट मैनेजर पीसी झा से जब एमडी ने अस्थाई नाला को लेकर पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। तालमेल में कमी को लेकर एमडी ने इस पर गहरी नाराजगी जताई।






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