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रोहतास में दो साल बाद फिर गूंजने लगा बोलबम:सावन के प्रथम दिन रात्रि में भी भक्तों ने किया जलाभिषेक

रोहतास में गत दो वर्षों 2020 एवं 2021 में कोरोना गाइडलाइंस के कारण रोहतास के कैमूर पहाड़ी स्थित गुपताधाम में सावन मेले का आयोजन नहीं हो सका था। परंतु दो साल के बाद गुप्ताधाम में एक बार बोलबम गूंज रहा है। सावन के पहले दिन गुरुवार रात्रि को भी यहां भक्तों द्वारा बाबा पर जलाभिषेक किया गया। बाबा धम परिसर में लगे दुकान सावन मेले के लिए सज.धज कर तैयार हैं। प्रशासन द्वारा भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि दो साल के बाद सावन मेले का आयोजन हो रहा है।

इसलिए यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार ज्यादा संख्या में श्रद्धालु एवं कांवरियां पहुंचेंगे। इसे देखते हुए पूरे सावन मास में शनिवार से सोमवार तक सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती गुप्ताधाम में की जा रही है। ज्ञात हो कि गुप्ता धाम तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को कैमूर पहाड़ी पर लगभग पंद्रह किलोमीटर की औसत दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। जिसके लिए आधा दर्जन रास्ते हैं। रोहतास के दुर्गावती जलाशय परियोजना, उगहनी घाट, पनारी घाट, ताराचंडी के रास्ते, नौहट्‌टा के राजघाट और फांसी घर वाले रास्ते से ज्यादातर श्रद्धालु धाम पर पहुंचते हैं। ​​​​​​​

हर वर्ष सावन में जाते हैं एक से दो लाख श्रद्धालु

बिहार के प्राकृतिक शिवलिंगों में एक गुप्ता धाम जलाभिषेक करने के लिए सावन महीनें में प्रतिवर्ष एक से दो लाख श्रद्धालु कांवर लेकर पहुंचते हैं। जिनके कारण गुफा के अंदर और परिसर में काफी भीड़ इकट्‌ठा हो जाती है। यहां तक की जिन रास्तों से पहाड़ी पर चढ़ा जाता हैए उसके नीचे भी मेले जैसा माहौल रहता है। इस बार और बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने की उममीद है इसलिए मेले की विशेष तैयारी है।

शाहाबाद और यूपी.झाारखण्ड से आते है भक्त

ज्ञात हो कि रोहतास के अलावे निकटवर्ती बक्सर, कैमूर, भोजपुर, औरंगाबाद जिले के शिव भक्त सावन के मेले में सबसे ज्यादा गुप्ता धाम पहुंचते हैं। इसके अलावे निकटवर्ती झारखंड राज्य के पलामू,गढ़वा और उत्तरप्रदेश के चंदौली, सोनभद्र जिलों से भी श्रद्धालुओं की काफी संख्या सावन में जलाभिषेक के लिए जुटती है। 

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