परासी बाजार में बिजली व्यवस्था दम तोड़ रही है जिसके चलते यह बाजार कभी भी बड़ी दुर्घटना का गवाह बन सकती है। यहां सब कुछ है लेकिन लोगों के मानसिक विकार वहीं बिजली विभाग की भी लापरवाही भी स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है। चाइनीज तार के इस्तेमाल कर लोग जैसे तैसे अपने घरों में बिजली का उपयोग कर रहे हैं। बिजली के खंभे पर चाइनीज तारों की जाल बिछ गई है। और यही जाल लोगों को मुसीबत में डाल सकती है। ऐसी अवस्था में इसका जवाब न तो बिजली इस्तेमाल करने वाले लोग दे सकते हैं, और नाहीं विद्युत विभाग लोग दे सकते हैं।
विभाग की लापरवाही के कारण यहां के लोग कभी भी बिजली का शिकार हो सकते हैं। हालांकि चाइनीज तार के इस्तेमाल कर रहे लोगों ने विद्युत विभाग से कनेक्शन भी लिया है। और बार-बार कवर वाली तार लगाने के लिए अधिकारियों से आग्रह भी किया है । लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। मौके पर पंचायत समिति सदस्य राजेश ठाकुर ने बताया कि दर्जनों लोगों के साथ कई बार अरवल बिजली विभाग को लिखित आवेदन के माध्यम से एलटी तार के लिए सूचना दी गई है। फिर भी यहां पर इसकी सुधि लेने वाला कोई भी विभागीय पदाधिकारी नहीं आया है। इस मामले में लोगों ने कहा है कि समय रहते समस्या का निदान नहीं हो पाया तो संभव है कि बरसात के मौसम में विद्युत व्यवस्था चरमरा सकती है।
विभाग का मिस्त्री तार जोड़ने जाता तो हो सकता है इसके Aप्रयोग से बचते लोग
कृषि कार्य के लिए अधिकांश लोग अवैध तरीके से बिजली जलाते हैं, और चाइनीज तार का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन परासी बाजार की कहानी कुछ और है। यहां बहुत लोग कनेक्शन लिए हुए हैं। विभाग के लोग कनेक्शन लेने के बाद मीटर तो लगा दिया। लेकिन पोल Aसे घर तक तार नहीं जोड़ा। परिणाम स्वतः लोग तार जोड़ लेते हैं।अगर विभाग का मिस्त्री जोड़ता तो वह कम से कम चाइनीज तार लगाने की सलाह नहीं देता।
अन्य तारों से मिलता है सस्ता इसलिए ज्यादा इस्तेमाल करते हैं लोग चाइनीज तार अन्य तारों से बाजार में सस्ता मिलता है। इसलिए लोग इसका ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह सबसे खतरनाक होता।एक तरह से कहा जाए तो लोग इसका इस्तेमाल कर खतरा से खेलते हैं। चाइनीज तार की बिक्री करने वाला एक दुकानदार ने बताया कि इसके ऊपर कवर तो जरूर होता है। लेकिन जब धूप लगता है। तो यह स्वतः टूटना शुरू हो जाता है।इसी दौरान दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। लेकिन चूंकि यह सस्ता मिलता है। इसलिए इसकी मांग ग्राहकों के बीच ज्यादा होता है। विभाग को कानूनी कार्रवाई भी करने का है अधिकार लेकिन चुप बैठा हुआ है महकमा चाइनीज तार की बिक्री सरकारी तौर पर प्रतिबंधित है। इसलिए इसका उपयोग करना गैर कानूनी है। लेकिन लोग इससे बाज नहीं आ रहे हैं। वैसे तो इसका ज्यादा प्रयोग लोग खेती के पटवन के लिए करते हैं।अभी कृषि कार्य की शुरुआत होने वाला है।लोग पटवन के लिए इसका धड़ल्ले से उपयोग करेंगे।इसी दौरान प्रतिवर्ष विद्युत स्पर्शाघात से लोगों को जान भी गंवानी पड़ती है। उनके बाद लोग मुआवजा की मांग को लेकर विभाग पर दबाव बनाना शुरू कर देते हैं। जिसमें राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ता भी खुद पड़ते हैं।उनका सहानुभूति बटोरने का शौक जग जाता है। लेकिन कोई यह कहने को तैयार नहीं होता है कि चाइनीज तार का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कृषि कार्य के लिए लगाया गया चाइनीज तार तो खेत तक जाते जाते जमीन को छू लेता है



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