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तीन बार बढ़ चुकी है डेडलाइन:पूर्व मध्य रेलवे के जीएम ने एक साल में स्टबलिंग लाइन बनाने का दिया था आदेश

भारत वैगन से बीबीगंज गुमटी तक बन रही दाे स्टबलिंग लाइन तीन साल में भी पूरी नहीं हाे सकी हैं। पूमरे के तत्कालीन जीएम ने 2019 में इस लाइन का निर्माण कराने का निर्देश दिया था, लेकिन एक साल बाद काम ही शुरू हुआ और दाे साल में सिर्फ एक लाइन ही आधी-अधूरी बिछाई जा सकी है, जबकि इस स्टबलिंग लाइन के बनने से अगल-बगल के आधा दर्जन माेहल्लाें में जलजमाव की स्थिति है।

इससे बचाने के लिए नाला निर्माण भी कराया जा रहा है, लेकिन नाला का निर्माण भी नहीं हाे सका है। अब बारिश शुरू हाे गई है। इससे लाइन के किनारे पानी जमा हाे गया है। ऐसे में कंस्ट्रक्शन विभाग काे फिर से बहाना मिल गया। इधर, निर्धारित अवधि से तीन बार डेडलाइन बढ़ाने के बाद भी जब इस स्टबलिंग लाइन का निर्माण नहीं हुआ ताे शनिवार काे जीएम काे निरीक्षण के लिए आना था। हालांकि, किसी कारणवश जीएम नहीं आए ताे साेनपुर मंडल के डीआरएम ने देर रात तक इस लाइन का जायजा लिया। इस दाैरान उन्हाेंने इस लाइन का निर्माण इसी माह हर हाल में करने का निर्देश दिया है।

6 कराेड़ रुपए की लागत से बन रही हैं 750-750 मीटर लंबी दाे लाइनें

रेलवे कंस्ट्रक्शन विभाग के एक इंजीनियर के अनुसार, भारत वैगन से बीबीगंज गुमटी तक बन रही स्टबलिंग लाइन का निर्माण करीब 6 कराेड़ रुपए की लागत से हाे रहा है। इस लाइन काे 750-750 मीटर लंबाई में बनाना है। इसके बगल के करीब आधा दर्जन माेहल्लाें काे जल जमाव से बचाने के लिए 800 मीटर लंबाई में नाला निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, नाला निर्माण भी अभी तक करीब 400 मीटर में ही बन सका है।

कंस्ट्रक्शन विभाग काे मिला अब मानसून का बहाना

इधर, कंस्ट्रक्शन विभाग काे अब मानसून के कारण जलजमाव हाेने का फिर बहाना मिल गया है। इस कार्य की माॅनिटरिंग कर रहे विभाग के एक वरीय इंजीनियर का कहना है कि जलजमाव हाेने और सिंगल रास्ता हाेने के कारण स्टबलिंग लाइन और नाले के निर्माण में देरी हाे रही है। एक लाइन का निर्माण लगभग पूरा हाे चुका है। उसमें सिर्फ ब्लास्ट डालने का काम बाकी है, जबकि दूसरी लाइन के निर्माण में बारिश के कारण देरी हाे रही है।

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