सरकारी अस्पतालों पर भले लाख सवाल उठे लेकिन गरीबों के लिए तो असली सहारा यही है। मधेपुरा सदर अस्पताल में आज जो हुआ वह ऐतिहासिक था। यहां के ऑपरेशन कक्ष में एक गरीब महिला मरीज के पेट से 5 किलोग्राम का ट्यूमर सफलता पूर्वक ऑपरेशन कर निकाला गया। खास बात यह है कि इस मरीज को मेडिकल कॉलेज से रेफर किया जा चुका था लेकिन पैसे के अभाव में वह बाहर नहीं जा पा रही थी। मेडिकल कॉलेज में महिला मरीज की हुई जांच के आधार पर सदर अस्पताल में उसका सफल ऑपरेशन किया गया।
मरीज का नाम झुनकी देवी है पति शंकर राम जो मजदूरी करते हैं। ये सदर प्रखंड क्षेत्र के साहूगाढ हुलास टोला की निवासी है। शंकर ने बताया कि प्राइवेट के अलावे वे अपनी पत्नी को मेडिकल कॉलेज में भी दिखाया था। जहां ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई थी और उसे रेफर कर दिया गया था। पैसे के अभाव में वह बीमार पत्नी को बाहर नहीं ले जा पा रहा था। दो दिन पहले रात में उसे पेट में फिर दर्द हुआ। उठाकर आनन-फानन में सदर अस्पताल लाया जहां डॉक्टर साहब ने अस्पताल में ही ऑपरेशन कर देने की बात कही और आज ऑपरेशन हो गया।
शंकर खुश है और डॉक्टरों को बधाई दे रहा है। ऑपरेशन करने वाले डॉ. किशोर कुमार दास ने बताया कि मरीज के पेट में ट्यूमर के कारण छोटी आंत, किडनी, पेशाब की थैली आदि अंगों पर दबाव बन रहा था। जिस कारण महिला को हमेशा पेट दर्द समेत अन्य तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि मरीज पहले मेडिकल कॉलेज में दिखाई जहां पर उसका जांच किया गया। जांच में ट्यूमर की पुष्टि होने पर वहां किन्हीं कारणों से ऑपरेशन नहीं किया गया। लेकिन जब महिला सदर अस्पताल में दिखने आयी तो मेडिकल कॉलेज में किये गये जांच रिपोर्ट के आधार पर उसका सफल ऑपरेशन किया गया महिला के पेट से करीब 5 किलो का ट्यूमर निकला है।
उन्होंने बताया कि समय पर ऑपरेशन नहीं होने पर मरीज की जान भी जा सकती है। सदर अस्पताल के मैं हुए इस ऑपरेशन के लिए सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र नारायण शाही ने डॉ केके दास समेत उनके टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इससे और भी मरीज अस्पताल में आएंगे और उन्हें हम बेहतर स्वास्थ सुविधा देंगे।






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