बेगूसराय में तनिष्क शोरूम की सेल्सगर्ल की बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह काम के बाद स्कूटी से घर लौट रही थी। हत्या से कुछ दिन पहले से युवक उसका पीछा कर रहे थे। 3 दिन पहले उसने अपनी मां से इस बारे में बताया था। वह काफी डरी हुई थी। मां का आरोप है कि उसका पति कई दिनों से जान से मारने की धमकी दे रहा था। सेल्सगर्ल अपने पति से 5 साल से अलग रह रही थी। उसका 10 साल का बेटा भी है।
घटना जिले के लोहियानगर क्षेत्र के आनंदपुर गांव की है। नेहा (27) की 2011 में लखीसराय के रामपुर गांव निवासी ईशांक भारद्वाज से शादी हुई थी। इस शादी से ईशांक के परिवार वाले खुश नहीं थे। शादी के बाद करीब 5 साल तक ईशांक अपने ससुराल में रहता था। पांच साल तक सबकुछ ठीक-ठाक चला। इस बीच दोनों को एक पुत्र भी हुआ, लेकिन 2016 के बाद दोनों के बीच आपसी विवाद हुआ तो पति ससुराल छोड़कर चला गया।

मां ने पति पर आरोप लगाया है।
साथ चलने के लिए कहता था
वह कभी-कभी फोन करता था और नेहा को अपने साथ चलने कहता था, लेकिन वह मना कर देती थी। मां रिंकू देवी का आरोप है कि नेहा का पति उसे फोन पर जान से मारने की धमकी भी देता था।
घात लगाकर गोली मारी, घंटों देर से पहुंची पुलिस
शनिवार रात वह शोरूम से काम करने के बाद जब वह अपने घर जा रही थी। आनंदपुर गांव की मोड़ पर कुछ अपराधी पहले से घात लगाए बैठे थे। अपराधियों ने उसके सीने में गोली मार दी। उसे इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घंटों बाद पहुंची पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल हत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है।



तनिष्क शोरूम में काम करने वाली नेहा का 10 साल का बेटा भी है।
दो बाइक सवार युवक भी पीछा करते थे
नेहा की छोटी बहन ने बताया कि दीदी और उसके ससुराल वाले के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। उसके पति और वह बीते 5 साल से अलग रह रहे थे। नेहा के पति पटना में प्राइवेट जॉब करते हैं। हालांकि, दोनों के बीच तलाक की भी बात चल रही थी। वही उसकी बहन ने पुलिस की कार्रवाई के बारे में पूछने पर बताया कि पुलिस द्वारा उसका फोन मांगा गया। उसका कहना है कि उसके कॉल डिटेल से इनकमिंग और आउटगोइंग नंबर की जानकारी ली है।
बड़ी बेटी थी, घर उसी से चल रहा था
नेहा देवी आनंदपुर गांव के वार्ड संख्या 26 निवासी उमाशंकर सिंह की बड़ी पुत्री थी। उसके 3 बहन और एक भाई हैं। पिता की मौत के बाद वह इकलौती कमाने वाली थी।



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