मुजफ्फरपुर स्थित IG ऑफिस में शनिवार को दिव्यांग रविन्द्र कुमार ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। लेकिन, वहां मौजूद सुरक्षाबलों ने उन्हें कड़ी मशक्कत के बाद रोक लिया। अफरातफरी का माहौल बन गया। दिव्यांग के हाथ मे केरोसिन तेल भरा हुआ एक डब्बा भी था। जिसे अपने शरीर पर उड़ेलकर वे आत्मदाह करने का प्रयास कर रहे थे। उनके हाथ से डब्बा छीना गया। वे काफी आवेश में गए। सूचना मिलने पर टाउन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। दिव्यांग को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन, उनकी मांग है कि सदर थाना के थानेदार सत्येंद्र मिश्रा पर कार्रवाई होनी चाहिये।
बताया कि सदर थानेदार ने उनके बेटे को चार दिन से हाजत में बंद कर रखा है। लेकिन, अबतक कोर्ट में पेश नहीं किया है। जबकि उनका बेटा बिक्कू की उम्र सिर्फ 16 वर्ष है। जिसका कागजात भी उनके पास है। बावजूद उसे हाजत में रखकर टॉर्चर किया जा रहा है।
जब वे इस सम्बंध में जानकारी लेने थाना पर गए तो पहले दिन एक दरोगा ने उनके साथ दुर्व्यहार किया। थाना से भगा दिया गया। जब दूसरे दिन बेटे के बारे में जानकारी लेने गए तो थानेदार ने भी बदसलूकी की। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इससे वे काफी आहत हुए हैं। कहते हैं कि अगर उनका बेटा अपराधी है या अपराध किया है तो उसे जेल भेज दें। चार दिन तक हिरासत में रखकर टॉर्चर करने का क्या नियम है। पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाया है।
बता दें कि दिघरा में फौजी समेत दो लोगों से पिस्टल के बल पर बाइक लूटने की घटना घटी थी। जिसमे दिव्यांग के बेटे की संलिप्ता सामने आई थी। पुलिस ने ठोस साक्षके आधार पर उसे आधार पर उसे हिरासत में लेने की बात कही है। वहीं पुलिस ने दिव्यांग के आरोप को बेबुनियाद बताया है।






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