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मुजफ्फरपुर : शाम से रात तक ट्रैफिक अस्त-व्यस्त, शाम में ट्रैफिक जवानों की तैनाती नहीं करने से भीषण जाम

शहर के कल्याणी चौक के निकट प्री-कास्ट स्ट्रक्चर (बना बनाया ढांचा) से कल्वर्ट बनाने के लिए मंगलवार को मोतीझील-कल्याणी के बीच ट्रैफिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। दूसरी ओर, छोटी सरैयागंज में लाइन शिफ्ट करने के लिए नव युवक समिति ट्रस्ट के पास (तिलक मैदान रोड) ट्रैफिक को बंद कर दिया गया।

निगम प्रशासन की ओर से मोतीझील-कल्याणी और कल्याणी से हरिसभा के बीच अगले 72 घंटे तक बंद करने की सूचना एक दिन पहले देने के बावजूद मंगलवार की शाम 6 बजे के बाद एक भी महत्वपूर्ण स्थल पर जवानों की तैनाती नहीं की गई।

इसका खामियाजा शहर को भुगतना पड़ा। शाम 6 बजे से रात करीब 9 बजे तक नवयुवक समिति ट्रस्ट, कल्याणी चौक व छोटी कल्याणी में भीषण जाम से लोग जूझते रहे। शाम में सबसे बदतर स्थिति नव युवक समिति ट्रस्ट के पास हुई। शाम में किसी जवान के नहीं रहने से जवाहरलाल रोड जाने और कल्याणी की ओर से जवाहरलाल रोड होते हुए टावर की ओर जाने वाले लोग नव युवक समिति ट्रस्ट के पास भीषण जाम में फंस गए। ऐसी स्थिति कल्याणी चौक पर भी झेलनी पड़ी।
ट्रैफिक थानेदार ने तैनाती का फर्जी डाटा दिया, कहा- गड्‌ढे से परेशानी

नवयुवक समिति ट्रस्ट के पास दिन में एक जवान व कल्याणी चौक पर दो जवान तैनात थे। जबकि, ट्रैफिक थानेदार धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि नव युवक समिति ट्रस्ट के पास दो और कल्याणी चौक पर 4 जवानों की तैनाती शाम 6 बजे तक की गई थी। शाम में ट्रैफिक जवान नहीं रहने को लेकर थानेदार का कहना है कि जहां-तहां गड्ढा करके छोड़ दिया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। दूर दराज के जवान रहते हैं, जिनको रात में घर जाना रहता है।

स्मार्ट सिटी के तहत बॉक्स कल्वर्ट बनाने का काम शुरू

मोतीझील, कल्याणी इलाके को जलजमाव से निजात दिलाने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत मंगलवार को बाटा दुकान के पास बॉक्स कल्वर्ट बनाने का काम शुरू कर दिया गया। जवाहरलाल रोड इलाके का पानी मोतीझील नाले के दूसरी तरफ फरदो नाले में गिराने के लिए कल्वर्ट का निर्माण किया जा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था कर मोतीझील के दूसरी तरफ के नाले का पानी फरदो में बाइपास कर डाला जा रहा है। झारखंड के गोड्डा से प्री-कास्ट स्ट्रक्चर मंगाया गया है। इसी से कल्याणी-हरिसभा रोड में कल्वर्ट का निर्माण शुरू किया गया है। एजेंसी का कहना है कि 72 घंटा में काम पूरा कर लेना है। लेकिन, सब कुछ मौसम पर निर्भर करता है।

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