मुजफ्फरपुर में BA की छात्रा पर एसिड अटैक कांड में वॉट्सऐप चैट से अहम खुलासा हुआ है। वारदात के दिन आरोपी और पीड़िता के बीच करीब पौने बारह बजे चैटिंग हुई थी। जिसमें आरोपी गुस्से में उसके मैसेज का रिप्लाई कर रहा है। उसने लिखा था कि, ‘हम भी आ रहे हैं, जो होना होगा आज होगा’। पुलिस ने लड़की का फोन देखा जिसके बाद ये जानकारी सामने आई है।
मामला फकुली ओपी क्षेत्र के एक गांव का है। चैट में पीड़िता ने अपने भाई का नाम लिखकर कहा कि उसे आने दो फिर बताती हूं। हम तुम्हें अपने घर में नहीं आने देंगे। इस पर आरोपी ने लिखा-वो तो तुम्हारे बाप में भी दम नहीं है, जो हमको रोक ले। आ रहे हैं। फिर दोनों के बीच चैट खत्म हो गई। छात्रा अपने कमरे में सोने चली गई। इसी बीच रात करीब दो बजे वह खिड़की के पास आया और बाहर से ही एसिड फेंककर भाग गया।
पीड़िता दर्द से छटपटाने लगी। घरवालों की नींद खुली। वे लोग भागते हुए कमरे में पहुंचे। देखा कि उसके कमर के समीप और हाथ जला हुआ है। एसिड जैसी महक आ रही थी। वहां से उठाकर उसे कुढ़नी PHC ले गए। फिर प्रारम्भिक इलाज के बाद SKMCH रेफर कर दिया। वहां से फिर पटना AIIMS में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत में काफी हद तक सुधार है।
एक तरफा प्रेम में था पागल
पीड़िता की बुआ ने खुलकर तो नहीं बताया। लेकिन, कहा कि आशंका है कि आरोपी विक्की एकतरफा प्रेम में पागल था। वह पिछले एक साल से छात्रा के आगे पीछे घूमता था और उसे मैसेज और कॉल करता था। लेकिन, छात्रा उसे इग्नोर करती रही। इसकी जानकारी घरवालों को भी नहीं थी। लेकिन, अब धीरे-धीरे सब राज खुलकर सामने आने लगा है।
काफी डरी हुई है पीड़िता
बुआ ने बताया कि वह काफी डरी हुई है। आरोपी के बारे में कुछ भी नहीं बोल रही है। उन्हें आशंका है उसका कुछ वीडियो या फ़ोटो आरोपी के पास है। जिसे दिखाकर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा होगा। इसी कारण से वह डरी सहमी है। FIR भी अज्ञात पर कराया था। लेकिन, वॉट्सऐप चैट के आधार पर बाद में विक्की का नाम पुलिस को दिया था। उसके अलावा एक अन्य युवक का नाम भी परिजन ने संदेह के आधार पर बताया था। जिससे घटना से तीन दिन पूर्व छात्रा के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। वह भी गांव से फरार है।
आरोपी से चल रही पूछताछ
पुलिस ने घटना के चार दिन बाद आरोपी विक्की को गिरफ्तार कर लिया है। उससे कई बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। अगर उसकी संलिप्ता सामने आई तो उसे जेल भेजा जाएगा। इधर, परिजन का आरोप है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। केस को दूसरा रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता के शरीर पर जख्म और कमरे से एसिड की महक से साफ पता चलता है कि क्या हुआ है। फिर भी पुलिस केरोसिन तेल का महक आने की बात बता रही थी। बुआ का कहना है कि पुलिस इसे सुसाइड का रूप देने की कोशिश कर रही थी।
मदद को कोई नहीं आया सामने
पीड़िता के परिवार की आर्थिक हालत बेहद कमजोर है। उसके पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। 7-8 हजार रुपए महीना कमाते हैं। पीड़िता का एक छोटा भाई भी है। वह मैट्रिक में है। उसकी मां का निधन 2017 में हो चुका है। तब से वह अपने पिता और भाई का ख्याल रखती है। बुआ ने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो गयी। लेकिन, कोई भी स्थानीय जनप्रतिनिधि या नेता विधायक हालचाल पूछने तक नहीं आया। उसे सबसे अधिक जरूरत अभी पैसों की है। लेकिन, कोई भी मदद को सामने नहीं आ रहा है।



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