जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं बठवाड़ा गांव के लोग, प्रशासन नहीं ले रहा है सुध
दीपक कुमार। गायघाट
गायघाट। प्रखंड मुख्यालय से सटे 12 किलोमीटर की दूरी शिवदाहा पंचायत के बठवाड़ा के ग्रामीण पिछले दो साल से जलजमाव की समस्या से जूझ रहे है। इस गांव में नाली निर्माण नहीं होने से ग्रामीण गंदा पानी को पार कर आने जाने को मजबूर है। ताज्जुब इस बात की है कि हाता शिवदाहा पंचायत का चयनित वार्ड है जिसके विकास के लिए सरकार द्वारा लाखों रुपये दिए गए है। बावजूद एक अदद नाली के ग्रामीण वर्षों से तरस रहे हैं।
ग्रामीणों की मानें तो इस समस्या के समाधान के लिए वे पंचायत के मुखिया से लगातार बीडीओ तक से गुहार लगा चुके है। बावजूद किसी भी स्तर पर उन्हें राहत नहीं मिली है। लिहाजा ग्रामीणों का जीवन मुश्किल से गुजर रहा है। जलजमाव के कारण सबसे अधिक परेशानी गांव की महिलाओं व छोटे बच्चों को हो रहा है। जबकि महिलाओं व बुजुर्गों की दिनचर्या भी जलजमाव से बाधित हो रही है।
सात निश्चय के तहत चयनित है वार्ड
करीब 1500 की आबादी वाले शिवदाहा पंचायत के वार्ड 1,2 में शामिल हाता गांव मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना के तहत चयनित वार्ड है। इस वार्ड के निवासियों को मुख्यमंत्री के निश्चय के तहत नाली, गली, पेयजल, बिजली आदि सुविधाएं मुहैया करानी है। लेकिन अभी तक इस वार्ड में योजनाओं की शुरुआत भी नहीं हो सकी है। ग्रामीण पिंटू कुमार ने बताया कि इस वार्ड में अभी तक विकास के नाम पर सिर्फ एक गली का पीसीसी हुआ है। इसके अलावे चवन्नी भी खर्च नहीं हुआ है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से आने जाने में खासे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नाली निर्माण के लिए आंदोलन करेंगे ग्रामीण
बठवाड़ा गांव में नाली के अभाव से जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रे हाता के ग्रामीण अब आर पार के लड़ाई के मूड में आ गए है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र नाली निर्माण नहीं होता है तो जल्दी ही ग्रामीणों की बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी तथा ग्रामीण प्रखंड कार्यालय का घेराव भी कर सकते है। चेतावनी देने वाले ग्रामीणों में शिव शंकर पासवान, गोपीलाल देव,मोः सौकत, नीतीश कुमार सहित कई अन्य ग्रामीण युवा शामिल है।



वार्ड प्रतिनिधि ने कहा नहीं सुनते है अधिकारी
इस गंभीर समस्या के संबंध में जब शिवदाहा पंचायत के वार्ड 1,2 के वार्ड सदस्य लखनलाल देव से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से ही वे इस जगह नाली निर्माण के लिए बीडीओ सहित अन्य पदाधिकारियों से गुहार लगा रहे है। लेकिन पदाधिकारी उनके गुहार को नहीं सुन रहे है। वैसे बताया जा रहा है कि पंचायत प्रतिनिधियों के आपसी खींचतान में ही नाली निर्माण का काम अधर में लटका है।
बठवाड़ा गांव की गली में हुआ जलजमाव का नजारा।

संक्रामक बीमारियों के फैलने का बना है खतरा
पिछले डेढ़ साल से हाता गांव के मुख्य पथ पर हुए जलजमाव से यहां संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। जिससे ग्रामीण दहशतजदा है। ग्रामीणों की मानें तो पंचायत द्वारा जलजमाव पर किसी तरह के दवा का छिड़काव भी नहीं हुआ है। जिस कारण महामारी फैलने की आशंका बनी रहती है। वही जलजमाव से प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत का सपना भी चकनाचूर हो रहा है।
कहते है बीडीओ
जल निकासी के लिए प्रक्रिया चल रही है। डां विमल कुमार, बीडीओ




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