प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पीएम केयर्स चाइल्ड योजना के तहत देश भर के वैसे बच्चों से बात की, जिन्होंने कोरोना में अपने माता-पिता को खो दिया। इन सभी बच्चों को हर साल 5 लाख रूपए के मुफ्त इलाज के साथ ही 23 वर्ष के होने पर 23 लाख रुपए मिलेंगे। साथ ही हर माह 6500 रुपए स्टाइपेंड मिलेगा। इस योजना में पटना के 9 बच्चे शामिल थे। उन बच्चों में से एक 18 वर्षीय श्रेया ने भास्कर से बातचीत के दौरान खुशी जाहिर की।
श्रेया राजधानी के राजाबाजार की रहने वाली है। कोरोना ने श्रेया से उसके माता-पिता को छीन लिया। वह अब अपने चचेरे भाई के साथ रहती है। श्रेया ने भास्कर से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के इस फैसले से मैं बहुत खुश हूं। उन्होंने हमारे भविष्य के लिए इतना कुछ किया है। उन्होंने हमारे लिए आर्थिक मदद भी की है, जिसकी मदद से मैं अपने भविष्य को और अच्छा बना सकती हूं। अभी मैं आगे बीकॉम करने वाली हूं। उसके बाद बैंक की तैयारी कर अधिकारी बनने की इच्छा है।
श्रेया बोली- प्रधानमंत्री नहीं, अभिभावक ने बात की
श्रेया ने बताया कि आज जब देश के प्रधानमंत्री हमलोगों से संवाद कर रहे थे, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा कि कोई प्रधानमंत्री संवाद कर रहा है। हमलोगों को लगा कि कोई हमारा अपना, हमारा अभिभावक हमसे बात कर रहा है। श्रेया के अलावा 8 और बच्चों ने पीएम के इस फैसले से खुशी जाहिर की है। किसी बच्चे ने कहा कि मैं अब डॉक्टर बनूंगा, तो किसी ने कहा कि मैं आईएएस बनूंगा।







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