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ऐतिहासिक रोहतास गढ़ किले में घूम रहे सूअर, पुरातत्व विभाग से संरक्षित इमारत का हाल

रोहतास जिले के कैमूर पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक रोहतास गढ़ किला का दिन बहुरते नजर नहीं आ रही है। तमाम सरकारी घोषाणाओं के बीच किला की बदहाली जारी है। अब एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रोहतास गढ़ किले के मुख्य द्वार से सुअर निकलते दिखाई पड़ रहे हैं। बताते हैं कि यह वीडियो शुक्रवार का है, जब कुछ स्थानीय लोग किले के भ्रमण को गए थे। वहां सुअरों को बाहर निकलते देखा। यही नहीं, विशाल किला के अंदर जगह-जगह कूड़े एवं गंदगी को भी कैमरे में कैद किया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया, अब यह वायरल हो रहा है।

किले में अन्य जगहों पर भी घूमते दिखे सुअर।

किले में अन्य जगहों पर भी घूमते दिखे सुअर।

सीएम से लेकर राज्यपाल तक कर चुके हैं दौरा

उल्लेखनीय है कि रोहतास गढ़ का किला जिले की उन पांच ऐतिहासिक स्थानों में शामिल है, जो पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है। विभाग द्वारा समय-समय पर किले के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण की बात कही जाती है, परंतु उसपर अमल नहीं होता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर तत्कालीन राज्यपाल व वर्तमान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद तक इसका दौरा किए है बड़ी घोषाणएं की गई हैं परंतु आजतक किला की बदहाली जारी है।

ऐतिहासिक किला का संबंध प्राचीन काल से है। बताते हैं कि राजा रोहिताश्व ने इस किले की नींव रखी थी। मध्यकाल में यह किला मुगल सत्ता के केंद्र में शामिल था। मुगल बादशाह शाहजहां का जन्म इसी किले में हुआ था। 1857 के विद्रोह में कुंवर सिंह के भाई अमर सिंह ने यहीं से अंग्रेजों के खिलाफ जंग छेड़ी थी।

राजा रोहिताश्व ने इस किले की नींव रखी थी। मध्यकाल में यह किला मुगल सत्ता के केंद्र में शामिल था।

राजा रोहिताश्व ने इस किले की नींव रखी थी। मध्यकाल में यह किला मुगल सत्ता के केंद्र में शामिल था।

विजन के अभाव में नहीं बन सका टूरिज्म केंद्र

स्थानीय भाजपा नेता अजय देव कहते हैं हम लोग सरकार से उम्मीद करते हैं कि किले के पुराने गौरवशाली दिन वापस आएंगे, लेकिन आज तक यह नहीं हो सका। जाप नेता तोराब नियाजी कहते हैं कि दूसरे राज्य में यह विशाल ऐतिहासिक किला रहता तो पर्यटन का बड़ा केंद्र होता। लोगों के रोजगार एवं समृद्धि का कारण बनता। परंतु यहां के नेताओं के विजन के अभाव में इसका विकास नहीं हो सका।

सुरक्षा के लिए गार्ड नहीं, मुख्य गेट में है गैप
इस संबंध में पुरातत्व संरक्षण सहायक अमरेश पाठक कहते हैं कि रोहतास गढ़ किले की सुरक्षा के लिए गार्ड नहीं है। तीन स्टाफ हैं। एक स्थाई और दो अस्थाई। इन्हीं की जिम्मेदारी है सब। मुख्य गेट साइड में है। उसमें गैप भी है। स्टाफ गेट बंद नहीं किया होगा तो छोटा सुअर घुस गया होगा। इसकी जानकारी लेंगे।

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