बिहार में कोरोना का मल्टी स्टेट कनेक्शन सामने आ रहा है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात झारखंड के साथ अन्य राज्यों से आने वालों में संक्रमण मिल रहा है। राज्य सरकार का फोकस अभी दिल्ली से आने वालों को की जांच को लेकर, क्योंकि देश की राजधानी ही कोरोना का हाट स्पाट बन रही है। बिहार में रैंडम जांच से सरकार स्टडी करा रही हैं, टेस्टिंग घटने बढ़ाने से नए संक्रमण पर क्या असर पड़ रहा है। इस पड़ताल में चौंकाने वाली बात यह है कि 103017 में जो नए मामले वहीं 65380 लोगों की जांच में भी आए। दिल्ली के साथ अन्य राज्यों से आने वालों की जांच बढ़ी तो काेराेना डराने वाला होगा।
कोरोना को पकड़ने के लिए रैंडम जांच का ट्रिक
जब भी कोरोना को पकड़ना होता है और उसकी हकीकत जाननी होती है तो सरकार रैंडम जांच से स्टडी करती है। देश में कोरोना बढ़ा तो बिहार में मल्टी स्टेट का कनेक्शन खंगालना शुरू किया गया। इसके लिए पहले फोकस दिल्ली से आने वालों पर किया गया। रैंडम जांच शुरु की गई और स्टडी के लिए कभी जांच बढ़ाई जा रही है तो कभी कम की जा रही है। दिल्ली से आने वालों के लिए एयरपोर्ट पर लगी टीम रैंडम जांच कर रही है। पटना जंक्शन के साथ अन्य जांच भी रैंडम की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की इस स्टडी में यह साफ हो गया है कि कोरोना की जांच बढ़ाने और घटाने से नए मामलों पर कोई विशेष असर नहीं पड़ रहा है।
जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट
पटना के न्यू गार्डिनर रोड हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ मनोज कुमार का कहना है कि बिहार का कनेक्शन देश के सभी राज्यों से है। पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और झारखंड से तो आना जाना काफी अधिक होता है। दोनों राज्यों में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। बिहार का देश के सभी प्रमुख राज्यों से सीधा कनेक्शन है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, मद्रास, चेन्नई, गुजरात के साथ देश के सभी प्रमुख शहरों में बिहार के लोग नौकरी के लिए जाते हैं। आना जाना भी लगा होता है, इस कारण से खतरा तो है ही। ऐसे में सावधानी से ही बचा जा सकता है। अगर कोरोना से सावधान रहा जाए, भीड़ भाड़ वाली जगह पर मास्क व सोशल डिस्टेंस पर ध्यान दिया जाए तो खतरा कम होगा। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल का भी कहना है कि सावधानी और वैक्सीनेशन से ही बचाव है।
एक सप्ताह में बढ़ सकता है मामला
कोरोना पर काम करने वाले एक्सपर्ट की माने तो उनका कहना है कि मौजूदा समय में कोरोना के नए मामले अच्छा संकेत नहीं है। ईद में बाहर से आने वालों की संख्या अचानक से बढ़ी है। हाल ही में लोग आए हैं, इस कारण से संक्रमण की रफ्तार का पता नहीं चल पा रहा है। एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाला सप्ताह यह तय कर देगा कि बिहार में कोरोना की अगली रफ्तार क्या होगी। देश की स्थितियों को देखकर एक्सपर्ट का अनुमान है कि एक सप्ताह में बिहार में केस बढ़ जाएगा।

वायरल लोड कम होने से एंटीजन में पॉजिटिव कम
एक्सपर्ट का एक तर्क और भी है कि अभी संक्रमितों में वायरल लोड कम है, इस कारण से एंटीजन किट में वायरस का पता नहीं चल पा रहा है। अब तक जितने भी जांच में पॉजिटिव आ रहे हैं वह RTPCR जांच में हैं। संक्रमितों में जैसे ही वायरल लोड बढ़ेगा कोरोना का संक्रमण एंटीजन में भी पकड़ में आने लगेगा। एंटीजन में मामला बढ़ते ही यह फाइनल हो जाएगा कि कम्युनिटी में कोरोना की रफ्तार बढ़ गई है। स्टडी में सरकार की दोनों जांच पर नजर है, एंटीजन में कोरोना का मामला बढ़ते ही सरकार जांच को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकती है।

वैरिएंट से भी समझिए मल्टी स्टेट कनेक्शन
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में हुए 13 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में जो वैरिएंट सामने आए हैं, वह कोरोना के दिल्ली सहित मल्टी स्टेट कनेक्शन का खुलासा करने वाला है। ओमिक्रॉन के जो नए वैरिएंट पाए गए हैं, बिहार के बाहर वाले हैं। बिहार में BA.2; BA.2.10; BA.2.10.1; BA.2.12 मिला है। यह सभी ओमिक्रान के फेमिली वैरिएंट हैं। इसमें कुछ वैरिएंट ऐसे हैं जो अभी नए हैं और देश के अन्य शहरों में सक्रिय हैं।
बिहार में कोरोना का हाल
बिहार में कुल संक्रमण – 830572

कोरोना को मात देने वाले – 818275
कोरोना से कुल मौत – 12256
कोरोना के एक्टिव मामले – 40




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