आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बगहा के एक छोटे से गांव के लोगों ने। करोना काल में जब मछलियां मरने लगी और कोई खरीदार नहीं मिला तो महिलाओं ने फिश पिकल का कारोबार शुरू किया। छोटे से गांव की छोटी सी पहल आज मिसाल बन रहा है। फिश पिकल’ नया था बिल्कुल पहली बार प्रयोग के तौर पर मझौवा की महिलाओं ने शुरू किया। लेकिन आज फिश पिकल से तकदीर बदलने लगी है। बिहार के साथ यूपी से मछली के आचार के लिए खूब ऑर्डर मिल रहे हैं। अब तो पैकिंग के लिए भी महिलाओं ने ऑनलाइन सामग्री मंगाकर अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।

मछली का आचार।







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