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शिवरात्रि से पहले यहां 25 फीट ऊंचा बर्फ का प्राकृतिक शिवलिंग तैयार, माइनस तापमान में नंगे पांव चल पहुंच रहे लोग ‘ॐ नमः शिवाय’

अगर आप मनाली आ रहे हैं तो सोलंगनाला पर्यटन स्थल के अंजनी महादेव में जाना न भूलें। यहां शिवरात्रि से पूर्व सबसे बड़ा व आकर्षक बर्फ का प्राकृतिक शिवलिंग बन गया है। इस शिवलिंग का आकार 25 फीट से अधिक ऊंचा हो गया है। यह शिवलिंग बर्फ से नहीं बल्कि अंजनी महादेव में पहाड़ी से गिर रहे झरने से बना है। पारा माइनस में जाते ही यहां नवंबर में शिवलिंग का आकर बनना शुरू हो गया था और इन दिनों आकार 25 फीट से भी अधिक ऊंचा हो गया है। शिवलिंग देखने के लिए देशी-विदेशी सैलानियों के यहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। यह प्राकृतिक शिवलिंग 11,000 फीट की ऊंचाई पर बना है।यह पर्यटन स्थल मनाली से 18 किलोमीटर दूर है। बस, टैक्सी या अपने वाहन में पहले पर्यटन नगरी मनाली पहुंचे। रोहतांग मार्ग पर मनाली से 10 किमी दूर पलचान से अंजनी महादेव के लिये अलग से संपर्क मार्ग सोलंगनाला के लिए जाता है।

सोलांग तक वाहन में पहुंचने के बाद पैदल या घोड़ों में, स्नो स्कूटर में व माउंटेन बाइक में अंजनी महादेव पहुंच सकते हैं।80 के दशक में हरियाणा के महात्मा बाबा प्रकाश पुरी यहां पहुंचे। उन्होंने इस स्थान को तपस्या के लिये उपयुक्त पाया। बाबा ने कई साल यहां तपस्या की और मंदिर का निर्माण किया। महात्मा प्रकाश पुरी द्वारा मंदिर बनाने से यह स्थान अस्तित्व में आया। इन दिनों बाबा प्रकाश पुरी के शिष्य रवि पुरी अंजनी महादेव मंदिर के पुजारी हैं।मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में माता अंजनी ने पुत्र प्राप्ति और मुक्ति पाने के लिए तपस्या की थी और भगवान शिव ने दर्शन दिए थे, तभी से यहां पर प्राकृतिक तौर पर बर्फ का शिवलिंग बनता है। मान्यता है कि इस शिवलिंग के दर्शन से हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। श्री अमरनाथ बाबा बर्फानी से भी ज्यादा बड़ा व ऊंचा शिवलिंग यहां बन गया है।

बर्फ के बीच 100 मीटर नंगे पांव का सफर करता है अचंभित

इस पर्यटन स्थल में 100 मीटर नंगे पांव चलना सभी के लिये अचंभित व रोमांचित करता है। श्रद्धालु अंजनी महादेव के जयकारे के साथ इस सफर को आसानी से तय करते हैं और बिना कष्ट के कई मिनट बर्फ के ऊपर खड़े रहकर दर्शन करते हैं व फोटोग्राफी का आनंद उठाते हैं। श्रद्धालुओं को यह बर्फ नुकसान नहीं पहुंचाती है। स्थानीय निवासी रुप चंद, पूर्ण ठाकुर और सुरेंद्र का कहना है यह दैवीय चमत्कार ही है कि बर्फ में नंगे पांव चलने से भी श्रद्धालुओं को कोई नुकसान नहीं होता है।

सालभर लगा रहता है यहां पर्यटकों का मेला

पर्यटन नगरी मनाली के पर्यटन स्थल अंजनी महादेव में इस बार भारी बर्फबारी हुई है, जिससे पर्यटन स्थल की वादियां बर्फ से लद गई हैं। इस साल यहां का तापमान नवम्बर से माइनस पर ही चल रहा है। इस स्थान पर लगे बर्फ के ढेर व प्राकृतिक शिवलिंग अप्रैल मई व जून में सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।

रोहतांग की तर्ज पर हो रहा लोकप्रिय

मनाली का पर्यटक स्थल रोहतांग देश व दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। रोहतांग की तर्ज पर अब अंजनी महादेव भी लोकप्रिय हो रहा है। इन दिनों सैकड़ों की संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं, जिनकी कुछ ही दिनों में संख्या हजारों में हो जाएगी।

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