राज्य भर के शिक्षकों के हड़ताल के बीच सोमवार से बिहार बोर्ड के मैट्रिक परीक्षा शुरू होगा. कदाचार मुक्त परीक्षा संचालित हो, इसके लिए बिहार बोर्ड ने नियमित शिक्षक और अनुदानित कॉलेज और स्कूलों के शिक्षकों को वीक्षक के लिए नियुक्त किया हैं. मैट्रिक परीक्षा 17 से 24 फरवरी तक चलेगा. परीक्षा के पहले दिन विज्ञान विषय की परीक्षा ली जायेगी. कुल 15 लाख 29 हजार 393 परीक्षार्थी शामिल होंगे. इसके लिए 1368 परीक्षा केंद्र बनाया गया हैं.परीक्षार्थी की संख्या अधिक होने के कारण दो पाली में परीक्षार्थी को बांटा गया हैं. प्रथम पाली में सात लाख 74 लाख 415 और द्वितीय पाली में सात लाख 54 हजार 978 परीक्षार्थी शामिल होंगे. प्रथम पाली 9.30 से 12.15 और दूसरी पाली दोपहर 1.45 से 4.30 बजे तक ली जायेगी.

परीक्षार्थियों को प्रथम पाली में 9.20 और दूसरी पाली में 1.35 तक अंतिम प्रवेश मिलेगा. इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जायेगा. परीक्षार्थी जूता-मोजा पहन कर नहीं आयें. क्योंकि जो जूता मोजा में आयेंगे तो उन्हे जूता और मोजा उतारना पड़ेगा. परीक्षा केंद्र में एडमिट कार्ड और पेन के अलावा कुछ भी नहीं ले जाने दिया जायेगा.उत्तर पुस्तिका मिलने के बाद एडमिट कार्ड में दिये गये विवरण का मिलान कर ले. उत्तरपुस्तिका के प्रथम पृष्ठ के बायीं भाग में परीक्षार्थी को केवल विषय का नाम और उत्तर देने वाले भाषा का नाम लिखना हैं.

उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ के दायें भाग में केवल प्रश्न पत्र के सेट कोड को दिये गये बाक्स में लिखें , उत्तर पुस्तिका के क्रम वाइज पेज की गिनती जरूर करें. उत्तर पुस्तिका के अन्य जगहों पर अपना रौल नंबर, रौल कोड, नाम, स्कूल का नाम और परीक्षा का स्थान ना लिखें , कॉपी के पृष्ठों का ना मोड़े, ना फाड़ें , प्रश्न पत्र में दी गयी संख्या के अनुसार उत्तरों की संख्या में लिखें



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