बगहा में लव मैरिज करने पर भाई ने बहन और अपने भांजे की जान ले ली। बहन ने दो साल पहले परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर पड़ोस के गांव के युवक से शादी की थी। इससे पूरा परिवार नाराज था। मौका मिलने पर भाई ने सोते समय बहन और भांजे की हत्या कर दी। दैनिक भास्कर ने मृत नीतू के ससुर ललन यादव से बातचीत की। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों नीतू का भाई मैनेजर यादव प्यार का दुश्मन बन गया। आइए जानते हैं…
तीन साल पहले अरविंद को उत्तर प्रदेश के नीतू से प्यार हुआ था। दोनों एक साथ जीने मरने की कसमें खाने लगे। जैसे ही इसकी भनक लड़की के परिजनों को लगी वे आग बबूला हो गए। इस बात की भनक अरविंद के परिजनों को भी लगी। अरविंद के परिजन नीतू के परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
अरविंद के पिता ललन यादव बताते हैं कि हमारे तरफ से कई दफा नीतू के पिता को नीतू और अरविंद की शादी का प्रस्ताव भेजा गया। लेकिन वह लोग इस बात से इनकार कर गए। जब वे लोग इंकार कर गए तो अरविंद की शादी बगहा के नरईपुर में तय कर दिया। लेकिन शादी के 21 दिन पहले अरविंद और नीतू अपने परिवार को छोड़कर भाग गए।
हालांकि, इसे लेकर नीतू के परिजनों ने अरविंद के परिजनों और अरविंद पर लड़की को अगवा करने का FIR दर्ज कराया था। कुछ ही दिनों बाद अरविंद और नीतू कोर्ट मैरिज कर घर लौट आए। दोनों की जिंदगी आराम से कटने लगी। अरविंद के परिजनों ने स्वेच्छा से बेटे और बहू को अपने घर में जगह दे दिया। इसी बीच नीतू मां बनी और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। खुशी के वजह से बाबा ने उसका नाम हर्ष रखा। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन किसी को पता ही नहीं था कि जो भाई 20 वर्षों तक हर रक्षाबंधन पर बहन की सुरक्षा की कसमें खाता रहा। वह अपनी बहन व भांजे को मौत की नींद सुला देगा।

अपने बेटे के साथ नीतू।
बुआ के घर पर आकर प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता था अरविंद
अरविंद एक प्राइवेट स्कूल में अपने बुआ के यहां रह कर पढ़ाने का काम करता था। वहीं पर नीतू का एक भाई भी उसी स्कूल में पढ़ाता था। दोनों लोगों में दोस्ती हुई उनके घर आना-जाना शुरू हो गया और इसी दौरान नीतू और अरविंद आपस में शादी करने का निर्णय ले लिए।
पहले कि प्लानिंग फिर हत्या
लगभग 30 माह पहले अरविंद व नीतू अपने परिवार वालों के विरोध में जाकर लव मैरिज किया था। जिसे लेकर नीतू के परिवार वाले नाराज चल रहे थे। इधर 6 माह से नीतू का भाई मैनेजर यादव (26) किसी ना किसी बहाने नीतू से मिलने आता था। 15 दिन पहले उसने अपनी बड़ी बहन जो खड्डा में रहती है, वहां पर नीतू को बुलाकर ले गया था। वही नीतू की मां और नीतू के पिता सत नारायण यादव भी नीतू से मिलने आए थे। लगा सब कुछ सामान्य हो गया। इसके बीत मंगलवार शाम 7 बजे को मैनेजर यादव फिर नीतू के घर आया। रात को खाना खाकर जब नीतू बच्चे के साथ सो गई। मैनेजर यादव देर रात उनके कमरे में आया और दोनों को मार डाला।

आरोपी मैनेजर यादव।
यूपी के बलकुड़िया में अरविंद को मारना था चाहता था
1 साल पहले यूपी के बलकुड़िया में नीतू के भाई मैनेजर से अरविंद की मुलाकात हो गई। फिर क्या था मैनेजर आग बबूला हो गया। क्रोध में आकर अरविंद को मारने के लिए पड़ गया। लेकिन वहां के प्रधान इस मामले को रफा-दफा करा कर अरविंद को किसी तरह से उसके घर पहुंचा दिया। इस घटना के बाद अरविंद मुंबई में कमाने चला गया। घटना के दिन भी अरविंद मुंबई में ही था। जैसे ही इस घटना की सूचना अरविंद को मिली मुंबई सेवा भर के लिए रवाना हो गया है।
मैनेजर की नहीं हुई है शादी
नीतू का मैनेजर भाई उससे 2 साल का बड़ा है। नीतू के ससुराल वालों ने बताया कि 7 भाई और तीन बहन में नीतू सबसे छोटी संतान थी। हालांकि, सभी लोगों की शादी हो चुकी है। लेकिन मैनेजर की शादी अब तक नहीं हो पाई है। लोग बताते हैं कि मैनेजर कोई काम नहीं करता सिर्फ मोटरसाइकिल लेकर इधर-उधर घूमते रहता है।



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