बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा में एक बार फिर सेंध लगी है। नालंदा के सिलाव में उनके जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान पटाखा फोड़ा गया है। बताया जा रहा है कि पटाखा इस्लामपुर के सत्यारगंज गांव का रहने वाला शुभम आदित्य लेकर आया था। पुलिस हिरासत में उसने अजीबो-गरीब बातें कही हैं। आरोपी ने पुलिस को बताया, ‘राष्ट्रीय मुद्दे पर बात करना चाहता था, लेकिन मुख्यमंत्री हमारी बातों पर ध्यान नहीं देते थे। ध्यान आकृष्ट करने के लिए पटाखे का विस्फोट किया था।
फिलहाल पुलिस प्रशासन इस मामले में कुछ भी बताने से परहेज कर रही है। विस्फोट के बाद आयोजन स्थल पर भगदड़ मच गई। विस्फोट मंच से 15-20 फीट की दूरी पर हुआ। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को घेरे में लेते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे पहले 27 मार्च को पटना के बख्तियारपुर में नीतीश कुमार को एक युवक ने मुक्का मार दिया था।
युवक के पास से मिला पत्र
आरोपी अपनी बाइक से सिलाव पहुंचा था। उसकी बाइक से 2 और पटाखे बरामद किए गए हैं। करीब 5 महीना पहले उसने इस्लामपुर बाजार से ही 1 पैकेट पटाखा खरीदा था। बचे हुए पटाखों को लेकर वह सिलाव पहुंचा था। वहीं, आरोपी के पास मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र भी पुलिस को मिला है, जिसमें लिखा हुआ है, ‘किशोरावस्था से देश और राष्ट्र के लिए कुछ करना चाहता हूं। उसी सिलसिले में बेलदार बीघा में हुए कार्यक्रम के दौरान भी पहुंचा था, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।’

आरोपी युवक ने जैसे ही पटाखे को जलाया, उस पर सुरक्षाकर्मियों की नजर पड़ गई। युवक मुख्यमंत्री पर पटाखा फेंकना चाह रहा था।
तीन भाइयों से सबसे छोटा है आरोपी
आरोपी शुभम आदित्य तीन भाइयों में सबसे छोटा है। उसके बड़े भाई का नाम कुणाल और दूसरे भाई का नाम पंकज है। पिता का नाम स्व. प्रमोद कुमार है, जिनका इस्लामपुर बाजार के राजगीर रोड में सत्यम प्रकाश ट्रेडर्स के नाम छड़-सीमेंट की दुकान है।
प्रमोद की मौत के बाद बड़े और मंझले बेटे ने पिता के व्यवसाय को संभाला है, जबकि छोटा बाला स्कार्पियो चलवाता था। जिला में हुई पटाखा फोड़ने वाली घटना के बाद इस्लामपुर पुलिस ने आरोपी युवक की मां और दोनों भाइयों को थाने बुलाकर पूछताछ कर रही। सिलाव पुलिस भी इस्लामपुर पहुंचकर पूछताछ करने में जुटी है।
मुजफ्फरपुर में करता था पढ़ाई
हिरासत में लिए गए आरोपी के बारे में बताया जाता है कि करीब 5 साल पूर्व वह अपने घर से नगद और लगभग 10 लाख का जेवर लेकर फरार हो गया था। 2 साल पूर्व पिता की मौत के बाद उसको परिजन घर लेकर आये थे। युवक मुजफ्फरपुर में रहकर पढ़ाई करता था। फिलहाल वह घर पर रहकर स्कार्पियो चलवाता था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, ‘आरोपी युवक ने जैसे ही पटाखे को जलाया, उस पर सुरक्षाकर्मियों की नजर पड़ गई। युवक मुख्यमंत्री पर पटाखा फेंकना चाह रहा था, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया और उसे पकड़ लिया। थोड़ी देर के लिए भगदड़ मची। इसके बाद मंच पर से लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की गई। मामला जब शांत हुआ तो आरोपी को पुलिस पीटते हुए अपने साथ लेकर चली गई।’
17 दिन बाद दूसरी बार सुरक्षा में चूक
इससे पहले 27 मार्च को पटना के बख्तियारपुर में नीतीश कुमार को एक युवक ने मुक्का मार दिया था। तब वह एक प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर रहे थे। उसी वक्त एक लड़का आया और तेजी में ऊपर चढ़ा और नीतीश पर हमला कर दिया। हालांकि, तुरंत ही पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। CM ने उसे माफ कर दिया था। प्रशासन ने भी उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया था।



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