लालू यादव के बड़े लाल तेज प्रताप यादव ने अब नए अभियान की शुरुआत की है। बिहार के मुखिया नीतीश कुमार की तर्ज पर अब पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भी समाज सुधार यात्रा निकालेंगे। नीतीश कुमार जहां ‘नशा मुक्त बिहार’ बनाने की बात करते हैं तो तेज प्रताप ‘गुटखा मुक्त बिहार’ बनाने में लग गए हैं। उन्होंने आज अपने आवास पर छात्र जनशक्ति परिषद की तरफ से एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। यहां पान मसाला का विरोध करते हुए एक के बाद एक कई डिब्बों को जमीन पर फेंककर कुचल दिया।
तेज प्रताप ने कहा, ‘गुटखा बिहार में बंद होना चाहिए, युवा इसको खाकर बर्बाद हो रहे हैं। यह बहुत बुरी चीज है। युवाओं को इससे बचना चाहिए। इसीलिए हम इसको आपके सामने ही फेंकेंगे।’ इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि हमारे छात्र जनशक्ति परिषद के जितने भी कार्यकर्ता हैं, वे सब गुटखा के खिलाफ आवाज उठाएंगे। हम बिहार समेत बंगाल औऱ झारखंड में भी इसका विरोध करेंगे और इसको बंद करवाएंगे।
तेज प्रताप ने इससे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, ‘नीतीश चचा जी ये दारु बंदी बहुत हुई.. अब जरा गुटखा भी बंद करवाएं… कहीं आप भी तो मुंह में पान मसाला और कदमों में दुनिया वाली बात पर यकीन नहीं कर रहे…. मुहिम – बंद करो गुटखा।’
बिहार में है प्रतिबंध, इसके बावजूद हो रही बिक्री
बता दें, बिहार में स्वास्थ्य विभाग ने तंबाकू से निर्मित होने वाले सभी प्रकार के गुटखा और पान मसाले के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, बिक्री और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा रखा है। फरवरी 2022 में तंबाकू से बनने वाले पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध पूरे एक वर्ष के लिए लगाया गया है। इसकी बिक्री बाजार में खुलेआम, धड़ल्ले से हो रही है।
इसके पूर्व सभी ब्रांड के गुटखा और पान मसाला में मैग्निशियम की मात्रा पाई गई थी। उसके बाद 2019 में ऐसे पान मसाले और गुटखा को प्रतिबंधित किया गया था। सरकार का यह आदेश 30 अगस्त, 2020 तक प्रभावी रहा। प्रतिबंध को आगे नहीं बढ़ाया गया था। इसके बाद फरवरी 22 में इसे एक साल के लिए लागू किया गया।



Leave a Reply