रामनवमी पर महावीर मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन को लेकर विशेष तैयारी की गई है। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिए 200 से अधिक पुलिस के जवानों के साथ दो दर्जन मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है। महावीर मंदिर में पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वीर कुंवर सिंह पार्क के पश्चिमी गेट से प्रवेश की व्यवस्था बनाई गई है। प्रशासनिक व्यवस्था के साथ महावीर मंदिर की तरफ से भी व्यवस्था की तैयारी की जा रही है।
त्रेता युग की तरह हो रही सजावट
महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि महावीर मन्दिर में रामनवमी की व्यवस्था को लेकर त्रेता युग की तरह ही तैयारी की जा रही है। रामनवमी का पावन पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के शुभ जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। महावीर मंदिर में जन्मोत्सव को लेकर पूरी तैयारी है। पटना में श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक होती है। एक दिन में श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख तक हो जाती है। इस वर्ष महावीर मन्दिर में रामनवमी 10 अप्रैल को मनाई जाएगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मन्दिर प्रबंधन द्वारा निजी सुरक्षा एजेंसी के लगभग 250 जवानों को लगाया गया है। महावीर मन्दिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
भोर में खुलेगा मंदिर का पट
महावीर मन्दिर का पट्ट 2 बजे भोर में खोल दिया जाएगा और 12 बजे रात्रि तक पूरे 22 घंटे खुला रहेगा। महावीर मन्दिर में जो प्रसाद, माला आदि चढ़ाना चाहते हैं, उन्हें पंक्तिबद्ध होकर उत्तरी द्वार से प्रवेश करना होगा। मंदिर के उत्तरी द्वार से जीपीओ गोलम्बर तक घेराबंदी कर छाया की व्यवस्था की गई है। इसमें दो कतारें एक पुरुषों के लिए तथा दूसरी महिलाओं के लिए बनाई गई हैं। जीपीओ गोलंबर के बाद यह पंक्ति सीधे पश्चिम दिशा में आर ब्लॉक चौराहा की ओर जाएगी।
शर्बत से लेकर पानी की व्यवस्था
केवल दर्शन करने वाले भक्तों के लिए जिनके पास प्रसाद या माला नहीं होगी, 7 बजे प्रातः से दर्शन सुलभ होगा। वे पूर्वी प्रवेश द्वार से पंक्तिबद्ध होकर परिसर में प्रवेश करेंगे। प्रत्येक वर्ष की तरह मंदिर प्रबंधन के द्वारा मन्दिर के उत्तरी द्वार से जीपीओ गोलंबर तक गर्मी से बचाव के लिए छाया की व्यवस्था की गई है। पुरुषों एवं महिलाओं की अलग-अलग समानांतर पंक्तियां जीपीओ तक जाएगी। उनकी सुविधा के लिए जीपीओ गोलंबर तक पंडाल बनाए गए हैं, जिसमें पंखे भी लगे रहेंगे। शरबत एवं पानी की भी व्यवस्था जगह-जगह पर की गई है।
टीवी स्क्रीन पर बाहर से होगा दर्शन
पंडाल के अंदर क्लोज सर्किट टीवी पर मन्दिर के भीतर का दृश्य दिखाई पड़ेगा, जिससे पंक्तिबद्ध हुए भक्तों को विग्रह के दर्शन के साथ-साथ पंक्ति की त्वरित गति का आभास होता रहेगा। ऐसे 16 बड़े टीवी स्क्रीन और प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 10 पुजारी अयोध्या से बुलाए गए हैं। मन्दिर में चार पुजारी प्रसाद चढ़ाने के लिए सदैव हमेशा मौजूद रहेंगे। जो भक्त हनुमानजी का दर्शन कर भू-तल से ही वापस जाना चाहेंगे, वे पूर्वी निकास द्वार से बाहर निकलेंगे। जो भक्त द्वितीय एवं तृतीय तल पर जाएंगे, उन्हें ऊपर से नीचे जाने के लिए दक्षिण की ओर राम-जानकी मन्दिर के ऊपर से सीढ़ी से उतर कर स्टेशन की ओर बाहर निकलने की सुविधा होगी। मन्दिर की ओर से स्वयंसेवक, सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध होने तथा पंक्ति को सुव्यवस्थित करने के लिए तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त स्थानीय पुलिस-प्रशासन की भी व्यवस्था की गई है। मन्दिर-परिसर के बाहर दो प्राथमिक उपचार केन्द्र एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था है।
13 काउंटर पर मिलेगा नैवैद्यम
महावीर मंदिर में नैवेद्यम लड्डू की बिक्री के लिए मध्य-रात्रि से 13 काउंटर बाहर लगाए जाएंगे। मंदिर के अंदर का स्थायी काउंटर 10 अप्रैल को तब तक बंद रहेगा, जब तक भक्तों की कतार मंदिर के बाहर रहेगी। मंदिर में सुबह 11.50 से दोपहर 12.20 बजे तक भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस पूजा के बाद तीनों ध्वज बदले जाएंगे। इसके बाद जन्मोत्सव आरती होगी। इस अवसर पर निर्मित विशिष्ट रोट-प्रसाद का वितरण होगा।
व्यक्तिगत रूप से हनुमानजी के ध्वज की पूजा करने की अनुमति नहीं दी गई है। यदि बहुत आवश्यक हो तो वे मंदिर कार्यालय में 9 अप्रैल की शाम तक निर्धारित पैसा जमाकर सकते हैं। रामनवमी के दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा मन्दिर में करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। रामचरितमानस का नवाह पाठ जो कलश-स्थापना के साथ प्रारम्भ हुआ, रामनवमी के दिन समाप्त हो जाएगा। रात्रि 9 बजे हवन के साथ इसका समापन होगा। इस बार महावीर मंदिर में रामनवमी उत्सव बहुत खास है। जिस प्रकार त्रेता युग में भगवान राम के जन्म के समय देवताओं ने आकाश से पुष्प वृष्टि की थी, उसकी झलक महावीर मन्दिर में दिखाई देगी। रविवार को रामनवमी के दिन राम जन्म के समय यानी मध्याह्न 12 बजे महावीर मन्दिर के ऊपर तीन ड्रोन फूलों की वर्षा करेंगे।



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