खगड़िया सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी लचर है कि यहां आने वाले मरीज भगवान भरोसे हैं। सोमवार को द’र्द से पीड़ित एक महिला को चार घंटे बाद भी किसी ने नहीं देखा। थक हारकर उक्त महिला जमीन पर लेट गई। ऐसे में 100 बेड का कहे जाने वाले इस सदर अस्पताल के प्रबंधन पर सवालिया निशान लग रहा। अस्पताल का इमरजेंसी सेवा भी खस्ताहाल है। बीमार लोग घंटों डॉक्टर के इंतजार में बैठने को विवश हैं। पूछने पर कई लोगों ने बताया कि वे इमरजेंसी में सुबह से बैठे हैं, लेकिन डॉक्टर गायब हैं।
प्रबंधन की नहीं सुनते डॉक्टर
बताया जा रहा है कि सदर अस्पताल के कुछ डॉक्टर अपनी निजी क्लीनिक चलाते हैं। जिसकी वजह से वे अस्पताल में समय से नहीं पहुंचते हैं। इस बारे में प्रबंधन से जुड़े एक कर्मी ने बताया कि यहां के डॉक्टर प्रबंधन की नहीं सुनते हैं। जिसके कारण ऐसी परेशानी हो रही है।
लोगों के बैठने की भी जगह नहीं
सदर अस्पताल खगड़िया में अव्यवस्था का आलम ये है कि यहां मरीज के बैठने की भी जगह नहीं है। इमरजेंसी के बाहर लोग जमीन पर अपने पैर की बल बैठकर इंतजार करते हैं। जबकि अस्पताल प्रबंधन इससे आंखें बंद किए हैं।
जानकारी नहीं, लूंगा तो बताऊंगा
मामले में सदर अस्पताल के सीएस डॉक्टर अमरनाथ झा ने बताया कि उनके इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वे इसके लिए जानकारी लेकर बताएंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसे बड़े अधिकारी जब स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ऐसे गैर जिम्मेदाराना रवैया दिखाएंगे तो फिर सही मायने में यहां आने वाले मरीज भगवान भरोसे ही कहलाएंगे।



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