मुजफ्फरपुर से BJP सांसद अजय निषाद ने मंत्री मुकेश सहनी के खिलाफ चल रही जुबानी जंग को सोशल मीडिया तक ले आया है। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ वार शुरू कर दिया है। महान कवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता की पांच पक्तियों के जरिए उन्होंने अपनी मंशा जाहिर कर दी है। BJP अब मंत्री सहनी को बिल्कुल भी बख्शने के मूड में नहीं है। सांसद निषाद लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए हैं।
हालांकि उन्होंने मंत्री का नाम नहीं लिखा है। लेकिन, कविता की पंक्तियों के जो अर्थ निकलकर आ रहे हैं। उससे स्पष्ट है कि निशाना किसकी तरफ लगा है। उन्होंने हाल में सहनी को प्रयाश्चित तक करने की बात कह डाली। उन्होंने कहा कि जो पाप सहनी ने किया है। उसका प्रयाश्चित वे बोचहां उपचुनाव में BJP उम्मीदवार की मदद करके कर सकते हैं। लेकिन, मंत्री मुकेश सहनी ने किसी की नहीं सुनी और पूर्व मंत्री रमई राम की बेटी डॉ. गीता को टिकट देकर अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसी के बाद MP निषाद ने सोशल मीडिया पर जंग शुरू कर दी।

अजय निषाद की ओर से सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट।
कुछ इस तरह लिखी पांच पंक्तियां
दिनकर की कविता की पांच पंक्तियां कुछ इस तरह से लिखी है। ‘हित वचन तूने नहीं माना, मैत्री का मूल्य न पहचाना, तो ले, मैं भी अब जाता हूँ, अंतिम संकल्प सुनाता हूँ, याचना नहीं, अब रण होगा”। इससे साफ तौर पर पता लगता है उनका निशाना किसकी तरफ है। बोचहां उपचुनाव को लेकर वे चुनौती दे रहे हैं कि अब याचना नहीं होगा। सीधे अब रण होगा। सोशल मीडिया पर उनके इस पोस्ट पर जमकर कमेंट बरस रहे हैं। BJP सपोर्टर खूब वाहवाही कर रहे हैं।
सूपड़ा साफ का चला रहे ट्रेंड
इसके अलावा वे BJP BIHAR के सूपड़ा साफ का भी ट्रेंड अपने फेसबुक पेज पर चला रहे हैं। इसमें VIP के तीनों विधायक जो BJP में शामिल हुए हैं। उनका नाम लिखकर उन्हें बधाई दे रहे हैं। MP निषाद ने बार-बार अपने बयान में कहा है कि BJP की बदौलत उन्हें ये कुर्सी मिली थी। आज वे BJP को आंख दिखा रहे हैं। ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज हुआ भी वही। अब मुकेश सहनी किधर के भी नहीं रहे। राजद ने भी उन्हें ठुकरा दिया है। जबकि राजद में इंट्री की उन्होंने सब तरीका अपनाया। पर बात नहीं बनी।



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