कोरोना की लड़ाई में अब बिहार सरकार ने वैक्सीनेशन का नया प्लान बनाया है। अब कम्युनिटी वैक्सीनेशन के लिए आम सभा का आयोजन होगा। सरकार के इस नए प्लान से अब आम सभा में वैक्सीनेशन पर मंथन किया जाएगा। राज्य के 38 जिलों में आम सभा को लेकर सरकार प्लानिंग कर रही है। इसके लिए राज्य के सभी जिलों में निगरानी के लिए भी कमेटी बनाई जाएगी। वार्ड स्तर पर टीकाकरण से कोरोना की लड़ाई और आसान बनाने को लेकर सरकार कम्युनिटी वैक्सीनेशन की तरफ बढ़ रही है।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि राज्य में कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। कम्युनिटी स्तर पर कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर योजना बनाई जा रही है। रणनीति ऐसी बनाई जा रही है जिससे संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। वार्ड स्तर पर आम सभा के आयोजन पर पटना से लेकर अन्य जिलों में काम किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 22 फरवरी को राज्य के सभी पंचायती राज संस्थानों के जनप्रतिनिधियों द्वारा पंचायत स्तर पर आम सभा की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें वैक्सीनेशन की रणनीति बनाई जाएगी।
पंचायत सभा में पुकारा जाएगा नाम
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विभिन्न आयुवर्ग, 15 से 18 वर्ष एवं इससे अधिक आयुवर्ग के सभी लाभार्थियों के कोविड 19 वैक्सीनेशन को लेकर पंचायत स्तर पर प्लानिंग की जा रही है। कोविड-19 टीका के प्रीकॉशन डोज से वंचित 60 वर्ष एवं इससे अधिक आयुवर्ग के गंभीर रोग से ग्रस्त लाभार्थियों का ग्रामवार ड्यू लिस्ट तैयार किया जाएगा। आम सभा के दौरान नाम पुकारते हुए उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। दूसरी ओर विशेष टीकाकरण अभियान संचालित करते हुए 15 से अधिक आयुवर्ग के तमाम लोगों को टीके की निर्धारित डोज लगाई जाएगी।

हर दिन का बनाया जाएगा शेड्यूल
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समुदाय स्तर पर कोरोना टीकाकरण अभियान बेहतर करने को लेकर वार्ड स्तर पर काम किया जाएगा। इसके लिए राज्य स्तर पर पंचायती राज संस्थानों के नए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी। संबंधित वार्डों में दिनवार प्लान बनाया जाएगा। वार्ड सभा से लेकर पंचायत स्तर पर योजना बनाई जा रही है।
विभाग का कहना है कि बैठक के दिन ही एक टीकाकरण टीम द्वारा कम से कम दो आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमानुसार टीकाकरण कराया गया। राज्य में लगातार लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसमें आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं की भूमिका अहम रही है।



Leave a Reply