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#MUZAFFARPUR : भाजपा ने समर्पण दिवस के रूप में मनाया दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि

MUZAFFARPUR : प्रखर राष्ट्रवादी, एकात्म मानववाद के प्रणेता एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 54 वीं पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में बुधवार को भाजपा ने अपने सभी संगठनात्मक मंडलों में बूथ स्तर पर मनाया। स्थानीय जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने पंडित जी के चित्र पर पुष्पांजलि कर समर्पण के साथ सेवा का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने दीनदयाल जी व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष चंदा देवी एवं संचालन जिला महामंत्री सचिन कुमार ने तथा धन्यवाद् ज्ञापन जिला महामंत्री धर्मेंद्र साहू ने किया.

मौके पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए पूर्व विधायक केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि एकात्म मानववाद के द्रष्टा हम कार्यकर्ताओं के प्रेरणा स्रोत पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का कोई व्यक्तिगत जीवन नही था, वे जीवन पर्यंत समाज के निचले पायदान पर खड़े लोगों के उत्थान एवं उनके सपनों को साकार करने का प्रयास करते रहे। हम जैसे-जैसे दीनदयाल जी के बारे में सोचते हैं, बोलते हैं, सुनते हैं, उनके विचारों में हमें
हर बार एक नवीनता का अनुभव होता है. एकात्म मानव दर्शन का उनका विचार मानव मात्र के लिए था.

जिला महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि जहां भी मानवता की सेवा का प्रश्न होगा, मानवता के कल्याण की बात होगी, दीनदयाल जी का एकात्म मानव दर्शन प्रासंगिक रहेगा. सामाजिक जीवन में एक नेता को कैसा होना चाहिए, भारत के लोकतन्त्र और मूल्यों को कैसे जीना चाहिए, दीनदयाल जी इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि दीनदयाल जी राजनीति में राजनीति के लिए नही बल्कि संस्कृति के राजदूत थे ।

इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला मोर्चा के कार्यसमिति सदस्य ममता रानी ने कहा कि दीनदयाल जी की जिंदगी में हर वह परेशानी थी जिसे एक गरीब झेलता है. लेकिन तमाम मुश्किलों को पार कर उन्होंने अपने आप को उस जगह खड़ा किया जहां लोग उन्हें आज भी याद करते हैं. इतिहास के पन्नों में दीनदयाल जी का नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में ही लिखा जाएगा. वे अक्सर कहा करते थे कि मैले कुचैले अनपढ़ लोग हमारे नारायण हैं हमें उनकी पूजा करनी चाहिए. यह हमारा सामाजिक एवं मानव धर्म है.

वहीं किसान मोर्चा अध्यक्ष उमेश पाण्डेय ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसे कई महान नेता हुए जिन्होंने देश और समाज को नई राह दिखाई है. ऐसे ही एक नेता थे महामानव पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी. दीन दयाल जी ने देश की राजनीति को इस तरह से एकजुट किया था कि लोग उन्हें एकात्म मानवतावाद के पुरोधा मानते थे. उनकी कुशल संगठन क्षमता के लिए ही डा. श्याम प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि अगर भारत के पास दो दीनदयाल होते तो भारत का राजनैतिक परिदृश्य ही अलग होता. कार्यक्रम को कला सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक डाo पुष्पा प्रसाद, महिला मोर्चा अध्यक्ष डाo रागनी रानी आदि ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला मंत्री रविकांत सिन्हा, जिला प्रवक्ता सिद्धार्थ कुमार, आलोक राजा, आशीष कुमार पिंटू, जिला मीडिया प्रभारी सम्राट कुमार, धन्नजय झा, प्रधुमन राणा, युवा मोर्चा अध्यक्ष नचिकेता पांडे, नन्द किशोर पासवान, मो अलीमुद्दीन चुन्नू, अभिषेक सौरभ, रीता परासर, नीलम सिंह, अमरेश विपुल, साहू भूपाल भारती, कृपा शंकर सराफ, विजय पाण्डेय, आंनद कृष्ण, अमरनाथ गुप्ता आदि उपस्थित थे।

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