लंदन के ब्रिस्टल निवासी लुक ग्रेनफुल्ल शॉ (28 वर्ष) 30 हजार किलोमीटर की यात्रा साइकिल से तय कर सोमवार देर शाम नालंदा पहुंचे। 3 साल से वह विश्व भ्रमण पर निकले हैं। दरअसल, शॉ कैंसर से पीड़ित हैं और वह लोगों को हौसला दे रहे हैं कि किसी भी बीमारी से हार नहीं माननी चाहिए।

नालंदा से कोलकाता के लिए रवान हुए ग्रेनफुल्ल शॉ।
पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुंचे
उन्होंने बताया, ’24 साल की उम्र में पता चला कि कैंसर है और वह भी बीमारी 4th स्टेज तक पहुंच चुकी है। इसके बाद मैंने मन बनाया कि इससे डरेंगे नहीं, बल्कि लड़ेंगे। इसके बाद विश्व भ्रमण पर साइकिल से निकल पड़े।’ वह अब तक ब्रिस्टल से निकलकर तुर्की, उज़्बेकिस्तान, चीन सहित पाकिस्तान के रास्ते बाघा बॉर्डर पार करते हुए इंडिया का दौरा कर चुके हैं।

ग्रेनफुल्ल शॉ लोगों को दे रहे हैं संदेश।
ब्रिस्टल टू बीजिंग रखा नाम
नालंदा में कुछ देर ठहरने के बाद शा कोलकाता के लिए निकल गए। भारत में उनका साथ देने के लिए कोलकाता से अन्य 3 युवाओं ने भी साइकिल यात्रा में हिस्सा ली है। उन्होंने इस यात्रा का नाम ब्रिस्टल टू बीजिंग रखा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि अगर वह किसी भी गंभीर बीमारी की चपेट में आते हैं तो लड़ें। बीमारी की चिंता में घर में नहीं बैठें।



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