रेलवे स्टेशनों पर छात्रों के उग्र आंदोलन के बीच पटना वाले खान सर का नाम भी चर्चा में अचानक सामने आया है। इसके बाद बुधवार को ट्रेन में आगजनी, पथराव और आंदोलन हिंसक हो गया तो खान सर मीडिया के सामने आए। रेल मंत्री के बयान के बाद खान सर ने कहा कि आरआरबी ने जो अभी फैसला लिया है, अगर वो वह 18 तारीख को ही ले लेते तो यह नौबत नहीं आती। लेकिन आज एक अच्छा कदम यह उठाया है कि 16 फरवरी तक सभी स्टूडेंट से सुझाव मांगा है। सभी आरआरबी से कहा गया है कि वह अपनी रिपोर्ट 4 मार्च तक दें। अभी 5 मेंबर की कमेटी बनाई गई है। 2019 की वैकेंसी में जो नोटिफिकेशन आया था और 15 दिन पहले कहिएगा कि परीक्षा देना है तो मिसअंडरस्टैंडिंग होगी ही।
स्टूडेंट्स को बहकाने पर खान सर ने कहा कि यह मीडिया द्वारा फैलाया गया है। हमारे यूट्यूब को पूरी तरह से फ्रिज किया गया है। हम लोगों को रोका गया है। अभी यूट्यूब पर आरआरबी लिख रहे हैं तो यूट्यूब उसे डिलीट कर दे रहा है। हमने तो मना किया है कि 26 जनवरी को कुछ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चुप हो जा रहे हैं, तो आंदोलन भी चुप हो जाना चाहिए।

खान सर ने कहा कि पटना डीएम राजेंद्र नगर गए थे। उनका खुद का स्टेटमेंट है कि ये लीडर लेस आंदोलन है। जो लोग कह रहे हैं तो पटना के डीएम खुद एक सुलझे हुए व्यक्ति हैं। उनका काम है कि लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन करना है। लेकिन आरआरबी को सोचना चाहिए कि एक टीचर गलत बोल सकता है। क्या पूरे हिंदुस्तान के टीचर गलत बोलेंगे। एनटीपीसी के लड़के कम थे। वे वेट कर रहे थे। हमारे लिए आरआरबी अच्छा कुछ करेगा। लेकिन रेलवे ने यह डिसीजन लिया कि डेढ़ करोड़ जो छात्र है, वह फरवरी में एग्जाम देंगे। इसके बाद आंदोलन उग्र हो गया। यह घटना सही नहीं है। हम लोग प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। हम लोग छात्रों को आंदोलन से रोक रहे हैं। हम लोग कल से खाना, पीना, पढ़ाना छोड़ कर लोगों को शांत कर रहे हैं।



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