बिहार में कोरोना की रफ्तार बढ़ने लगी है। आए दिन केस बढ़ रहे हैं। राजधानी पटना हाट स्पॉट बना हुआ है। मंगलवार दोपहर को आई रिपोर्ट (24 घंटे) में 522 नए लोग पॉजिटिव मिले हैं। इससे हड़कंप मच गया है।
वहीं, मंगलवार दोपहर 12 बजे तक एक और डॉक्टर संक्रमित मिले हैं। बताया जा रहा है इन्होंने 26 से 28 दिसंबर तक पटना में आयोजित IMA के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में शामिल अब तक करीब 150 डॉक्टर संक्रमित पाए जा चुके हैं।
वहीं, आज दोपहर पटना में JDU ऑफिस में गार्ड समेत 5 पॉजिटिव मिले। इसके बाद दफ्तर को सील कर दिया गया।
इसी में जीने की आदत डालिए, कब तक लॉकडाउन लगाता रहे: मंत्री मिश्रा
वहीं, दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार सरकार के मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा, ‘लोग चिंता नहीं करें। पूरे बिहार को अलर्ट मोड में रखा गया है। सरकार पूरी तरह तैयार है। अब हम लोगों को कोरोना के बीच ही काम करने की आदत डालनी होगी।’
उन्होंने कहा, ‘जिस तरह कोरोना रूप बदल रहा है। कभी डेल्टा तो कभी ओमिक्रॉन आ रहा है। पता नहीं यह कब रुकेगा। ऐसे में बार-बार लॉकडाउन नहीं लगाया जा सकता। आखिर कितनी बार लॉकडाउन लगाते रहेंगे। इससे रोजी-रोटी की समस्या हो रही है।’
बीते दिन आए थे 344 नए मामले
सोमवार को बिहार में NMCH (नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) के 72 डॉक्टर और मेडिकल छात्र समेत 344 पॉजिटिव केस मिले। इनमें पूर्व CM जीतनराम मांझी के बॉडीगार्ड, पीए समेत पूरा परिवार संक्रमित हो गया है। सोमवार को CM नीतीश कुमार के जनता दरबार में भी जांच में 14 लोग पॉजिटिव पाए गए। 6 संक्रमित फरियादी तो मुख्यमंत्री से भी मिल चुके थे। राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 1,385 हो गई है। अब प्रदेश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 7,27,873 पहुंच गया है, इसमें 7,14,391 लोगों ने कोरोना को मात दी है। जबकि, 12,096 लोगों की मौत हुई है।

जनवरी के दो दिन में दिसंबर के बराबर केस
राज्य में नए साल के 3 दिनों में ही कोरोना ने एक माह का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिसंबर के 31 दिन में 673 नए मामले आए थे, तो जनवरी के सिर्फ 3 दिन में ही 977 नए केस आ गए हैं। यह उससे 45% अधिक है। वहीं, अगर कहा जाए कि पूरे दिसंबर के बराबर केस तो सिर्फ नए साल के शुरुआती दो दिन में आए गए तो गलत नहीं होगा। एक और दो जनवरी के केस को जोड़ा जाए तो 633 मामले हो रहे हैं, जो दिसंबर के 673 केस से सिर्फ 40 कम हैं।

पटना में हर दिन बढ़ रहा खतरा
राजधानी पटना में हर दिन कोरोना का खतरा बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में कुल 160 मामले आए हैं। 28 दिसंबर को पटना में 10 नए मामले आए थे और 29 दिसंबर को 26, 30 दिसंबर को यह संख्या 60 पहुंच गई। 31 दिसंबर को नए मामले 105 हो गए थे। एक जनवरी को पटना में 136 नए मामले आए और 2 जनवरी को 143 नए मामले के बाद 24 घंटे में आंकड़ा 160 पहुंच गया। संक्रमण की यह रफ्तार डराने वाली है। स्वास्थ्य विभाग ने पटना में बढ़ते संक्रमण को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। मास्क और सोशल डिस्टेंस को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
30 जिलों में फैला संक्रमण
सोमवार को सर्वाधिक 160 नए संक्रमित पटना जिले में पाये गये हैं। जबकि, गया जिले में 68 और मुजफ्फरपुर जिले में 11 नए संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा बेगूसराय, भागलपुर और दरभंगा जिले में सात-सात, अररिया जिले में तीन, औरंगाबाद जिले में दो, बांका जिले में एक, पूर्वी चंपारण जिले में एक, गोपालगंज में दो, जमुई में एक, जहानाबाद में चार, खगड़िया में दो, किशनगंज में एक, लखीसराय में पांच, मधेपुरा में तीन, मधुबनी में एक, मुंगेर में नौ, नालंदा में दो, नवादा में तीन, रोहतास में एक, सहरसा में पांच, समस्तीपुर में दो, शेखपुरा में एक, शिवहर में एक, सीतामढ़ी में एक, सीवान में तीन, सुपौल में एक, वैशाली में दो और पश्चिम चंपारण जिले में चार नए संक्रमित पाए गए हैं।

मरीजों को भर्ती करने की पड़ रही जरूरत
अब मरीजों के भर्ती करने की भी जरूरत पड़ रही है। पटना एम्स में कोविड वार्ड में 24 घंटे में एक मरीज को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है, जबकि 4 नए मरीज भर्ती हुए हैं। इस समय एम्स में कुल 10 मरीज भर्ती हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर है। वह वेंटिलेटर पर है, बाकी 8 को ऑक्सीजन की आवश्यकता है। एक ही मरीज ऐसा है, जो बिना ऑक्सीजन के है। वह पहले से गुर्दे की बीमारी के मामले में डायलिसिस पर है।
रिकवरी रेट में आई कमी
बिहार में संक्रमण की रफ्तार से रिकवरी रेट में भी कमी आई है। रिकवरी रेट 98.15% हो गई है, जो 30 नवंबर को 98.66% थी।
90 फीसदी में लक्षण नहीं
पटना शहर में पॉजिटिव आने वाले 90 फीसदी लोगों में लक्षण नहीं है। 10 फीसदी लोगों में सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण हैं। अभी अस्पताल और ऑक्सीजन की जरूरत लोगों में नहीं है। गंभीर बीमारी वाले लोगों को अस्पताल की जरूरत है।

पटना हाईकोर्ट के जज और कर्मचारी पॉजिटिव, आज से वुर्चअल सुनवाई
पटना हाईकोर्ट के समक्ष राज्य में कोरोना महामारी से उत्पन्न हालात के संबंध में दायर जनहित याचिका पर सोमवार को चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई की। खंडपीठ ने कोविड के नए वैरियंट ओमिक्रॉन के प्रकोप के मद्देनजर राज्य में की जा रही तैयारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर के संबंध में प्रोग्रेस रिपोर्ट को दायर करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है।
शिवानी कौशिक की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक रूप से बताया कि पटना हाईकोर्ट के कुछ जज और कर्मी (संख्या की जानकारी नहीं दी गई है) भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसलिए मंगलवार से हाईकोर्ट में कामकाज वर्चुअल तौर पर ही होगा। वकीलों का जीवन भी बहुमूल्य है। इसलिए इन बातों को भी ध्यान में रखना होगा।



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