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पटना: 5.5 लाख की लू’ट, क्रिमिनल पकड़ना छोड़ सीमा वि’वाद में उलझे थानेदार

पटना. अपराधियों का हौसला इतना बढ़ गया है कि राजधानी पटना में भी दिनदहाड़े लूट की घटनाएं घट रही हैं. वहीं, पुलिसकर्मियों कि स्थिति यह है कि तत्काल अपराधियों को पकड़ने की कार्रवाई छोड़ पहले सीमा विवाद सुलझाने में आपस में ही उलझ पड़ती है. गुरुवार को घटित एक घटना में ऐसी ही स्थिति सामने आई. दरअसल एक शख्स से अपराधियों ने साढ़े 5 लाख लूट लिए. लूट की घटना के बाद पीड़ित व्यक्ति पुलिसिया एक्शन की उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंचा. पहले पीड़ित कदम कुआं थान गया. संबंधित थाना ने अपना पल्ला झाड़ते हुए उसे बहादुरपुर थाना क्षेत्र का मामला बता दिया. पीड़ित व्यक्ति भागा-भागा बहादुरपुर थाना गया तो सही, लेकिन जब वह बहादुरपुर थाना पहुंचा तो थानेदार सनोवर खान ने घटनास्थल को कदम कुआं थाना क्षेत्र का मामला बताकर उसे वापस कदम कुआं थाना जाने को कहा

ऐसे में पीड़ित बहादुरपुर थाना और कदम कुआं थाना के चक्कर के बीच झूलने लगा. मामला यही नहीं थमा. जब कदमकुआं के थानेदार विमलेंदु कुमार और बहादुरपुर थाना के थानेदार सनोवर खान घटनास्थल पर पहुंचे तो दोनों थानेदारों के बीच घटनास्थल के थाने की सीमा को लेकर तू तू मैं मैं होने लगी. कदमकुआं के थानेदार मानने को तैयार नहीं थे कि उक्त घटना स्थल उनके थाना क्षेत्र में पड़ता है. इस बीच बहादुरपुर के थानेदार उसे कदम कुआं थाना क्षेत्र का मामला बताते रहे.

दोनों के बीच जमकर कहासुनी होती रही. लेकिन, हैरानी की बात यह है कि दोनों थानेदारों ने सीमा का निर्धारण के लिए आम लोगों को पकड़ा. पब्लिक कभी इसे कदम कुआं का थाना क्षेत्र बताती रही तो कभी बहादुरपुर थाना क्षेत्र की घटना. घटना को बीते काफी देर हो रही थी और थानेदार सीमा विवाद सुलझाने में ही लगे रहे. ऐसे में पीड़ित दोनों थानेदारों के रवैए को देखकर निराश हो रहा था. यह सारी तस्वीरें कैमरे में कैद हो रही थीं. आखिरकार सीमा विवाद का मामला जब तक सुलझा तब तक अपराधी पुलिस की पकड़ से काफी दूर जा चुके थे.

ऐसी स्थिति में सवाल उठ रहा है कि पटना पुलिस पीड़ितों को किस हद तक न्याय दिला पाएगी? आखिरकार सीमा विवाद की लड़ाई खत्म हुई और बहादुरपुर थानेदार को मानना पड़ा कि वह थाना क्षेत्र उनका है. अब केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई और पुलिस मामले की जांच की प्रक्रिया पूरी करने में लग गई. लेकिन, आज भी सड़क पर दो थानेदारों कि सीमा विवाद की नोकझोंक पब्लिक के बीच चर्चा का विषय बना रहा. आखिरकार पुलिस अपनी इस तरह की कार्यशैली से पीड़ितों को ससमय कैसे न्याय दिला पाएगी, एक बड़ा सवाल है.

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