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सर्दी-बुखार में बच्चों को नहीं दी जाएगी कोरोना वैक्सीन

15 से 18 साल तक के बच्चाें के वैक्सीनेशन को लेकर पहली बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन आई है। इसकी सबसे अहम बात यह है कि बच्चों का टीका केंद्र बड़ों से पूरी तरह से अलग रखा जाएगा। बच्चों को वैक्सीन देने से पहले उनकी सेहत की जांच करनी होगी। सर्दी-बुखार से पीड़ित बच्चों को वैक्सीन नहीं दी जाएगी। निर्देश यह भी दिया गया है कि जिन बच्चों को वैक्सीन दी जाएगी, उन्हें 30 मिनट तक सेंटर पर ही ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव प्रशांत भूषण ने राज्यों को निर्देश दिए है कि बच्चों की सूची तैयार कर 3 जनवरी से वैक्सीनेशन आरंभ कर दिया जाए।

बच्चों के वैक्सीनेशन से जुड़ी जानकारी

  • 15 से 18 साल तक के बच्चों को को वैक्सीन की डोज दी जाएगी।
  • बड़ों और बच्चों की वैक्सीन में कोई अंतर नहीं होगा।
  • बच्चों को भी बड़ों की तरह पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा।
  • ऑनलाइन और ऑन स्पॉट दोनों तरह से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
  • बच्चों को वैक्सीन देने से पहले उनकी सेहत की जांच की जाएगी।
  • बच्चों की वैक्सीन भी उसी इंजेक्शन से होगी, जिससे बड़ों को टीका लगाया जा रहा था।
  • वैक्सीन देने के बाद बच्चों को 30 मिनट तक सेंटर पर ही रखा जाएगा।
  • कोवैक्सीन की डोज बड़ों वाली होगी लेकिन सेशन साइट अलग होगा।
  • बड़ों की तरह बच्चों के लिए भी कोविन एप पर उम्र दिखेगी, इसे 3 जनवरी से चालू किया जाएगा।

सेंट्रल की बैठक के बाद अब राज्यों की इंटरनल बैठक

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद अब राज्यों को अपने स्तर से तैयारी करने को कहा गया है। राज्य में स्वास्थ्य विभाग की बैठक के बाद जिलों में प्रशिक्षण का काम किया जाएगा। प्रशिक्षण में यह बताया जाएगा कि किस तरह से बच्चों को वैक्सीन दी जाएगी। बच्चों को भी बड़ों की तरह दाएं हाथ में वैक्सीन लगाई जाएगी। बच्चों के लिए भी बड़ों की तरह गाइडलाइन का पालन करना होगा। इसमें रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन के साथ ऑब्जर्वेशन का हिस्सा शामिल किया गया है।

बड़ों की निगरानी में दिया जाएगा डोज

बच्चों के वैक्सीनेशन की प्रक्रिया 5 मिनट में ही पूरी हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की पहली ट्रेनिंग में यह बात साफ किया गया है कि बड़ोंं की तरह बच्चों को पूरी तरह से निगरानी में रखकर ही वैक्सीन दी जाएगी। इसके लिए कोई भी जल्दबाजी नहीं की जाएगी। बच्चों के अंदर से डर निकालने को लेकर उन्हें भीड़ से अलग रखा जाएगा। भीड़ भाड़ वाले सेंटर से दूर बच्चों का सेंटर बनाया जाएगा।

ID को लेकर चल रहा मंथन

अब तक बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए आईडी को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि अभी तक यही बताया गया है कि बच्चों के पास जो भी कार्ड होगा, उसके आधार पर उन्हें वैक्सीन दी जाएगी। इसके लिए स्कूल की आईडी कार्ड को प्रमुख रूप से रखा जा रहा है। अब राज्यों को अपने हिसाब से आईडी को लेकर निर्णय लेना है। राज्य की आंतरिक बैठक में इस पर सहमति बन जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 3 जनवरी से 15 से 18 वर्ष के बच्चों का वैक्सीनेशन होना है। इसके लिए पूरी तैयारी दिसंबर में ही पूरी कर लेनी है। वैक्सीनेशन के लिए ट्रेनिंग की भी व्यवस्था 24 से 48 घंटे में शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए मास्टर ट्रेनर को सभी जिलों में तैयार किया जा रहा है। ऐसे लोगों को ट्रेनिंग का मैटेरियल भी दिया जा रहा है।

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