बिहार व यूपी को जोड़ने वाले पीपा पुल लगने में इस साल देर हो रही है। गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने से इसके लगाने में अपेक्षाकृत विलंब हो रहा है। कुछ पीपा कम पड़ने से पटना से मंगाने में भी देर हो रही है। निर्माण की मौजूदा गति को देख अब इसके आगामी 25 दिसंबर से चालू होने की संभावना बन रही है।
बता दें कि भोजपुर के सिन्हा ओपी क्षेत्र के महुली घाट स्थित पीपा पुल को पिछले 22 नवंबर से ही लगाने का काम शुरू हुआ था। अब तक कुल 54 पीपा लगे हैं। कुल 62 पीपा लगने के बाद ही इस पर छोटे वाहनों का परिचालन शुरू हो पायेगा। कुछ पीपा खराब हैं, जबकि चार पीपा को नावों से अवैध बालू की ढुलाई कार्य रोकने के लिए जिला प्रशासन के आदेश पर कोईलवर स्थित सोन नदी में लगाया गया है। इसके अलावा अन्य पीपा को लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। कम पड़े पीपा को पटना से लाया जा रहा है।
पीपा पुल चालू होने से जिले की गंगा पार आबादी को सहूलियत
बता दें कि पीपा पुल पर परिचालन शुरू हो जाने से भोजपुर की सारण और यूपी से दूरी कम हो जायेगी। गंगा पार जिले की खवासपुर पंचायत की बड़ी आबादी को भी इससे आवागमन में सुविधा होगी। पीपा पुल लगाये जाने से इलाके के लोगों में खुशी देखी जा रही है। हालांकि देर से लोगों में मायूसी भी दिख रही है।
बता दें कि जून माह में गंगा का जलस्तर बढ़ जाने से सिन्हा ओपी क्षेत्र क्षेत्र के महुली घाट पर बने पीपा पुल को खोल दिया गया था। इससे यूपी के बलिया, रानीगंज, बैरिया सहित अन्य शहर और सारण के गांवों में जाने के लिए लोगों को लंबी दूरी तय कर आना-जाना पड़ रहा है। बड़हरा की ख्वासपुर पंचायत के ग्रामीणों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीपा पुल खुल जाने के बाद क्षेत्र के ग्रामीण प्रखंड व जिला मुख्यालय में आने-जाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल नाव से आवागमन करने को मजबूर हैं। पीपा पुल नहीं होने के कारण पंचायत चुनाव में चुनाव कर्मियों को नाव के सहारे ही चुनाव संपन्न करने में काफी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
राज्य पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता राम विलास यादव ने कहा, ‘गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने व पीपा कम पड़ने के करण पीपा पुल पर परिचालन में बिलंब हुआ है। आगामी 25 दिसंबर को पीपापुल पर छोटे वाहनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। इसे लेकर संवेदक को जरूरी निर्देश दिया गया है।’






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