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मांझी ने ब्राह्मणों को दी गा’ली, BJP ने कहा- सार्वजनिक रूप से माफी मांगे मांझी

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर से असंसदीय भाषा का प्रयोग किया है। उन्होंने ब्राह्मणों को गाली दी है। पटना में भुइयां समाज के सार्वजनिक मंच से मांझी ने ब्राह्मण समाज को जाति सूचक शब्द के साथ गाली का प्रयोग करते हुए संबोधित किया। मामला शनिवार शाम का है, लेकिन उनके बयान का यह वीडियो रविवार से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में मांझी कह रहे हैं, ‘दलित समाज में आजकल सत्य नारायण भगवान की पूजा का प्रचलन काफी तेज हो गया है। जगह-जगह ब्राह्मण जाकर सत्य नारायण भगवान की पूजा कराते हैं। हमारे समाज में ब्राह्मण हा*** (गाली हा***) जाते हैं, लेकिन खाना नहीं खाते हैं। सिर्फ पैसा लेते हैं।’

वहीं, मांझी के इस बयान के बाद उन्हीं की पार्टी HAM में खलबली मच गई है। उनके राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान में बयान जारी करते हुए कहा है, ‘इस बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उनका यह मतलब नहीं था। उनका कहना था कि ब्राह्मण दलित के घर में जाते हैं। उनके यहां खाना नहीं खाते हैं। उनसे पैसा लेते हैं।’

मांझी सठिया गए हैं: BJP

पूर्व CM के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा, ‘जीतन राम मांझी सठिया गए हैं। इस बयान को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले में हस्तक्षेप चेक करें।’ उन्होंने कहा, ‘अगर वह माफी नहीं मांगते हैं तो आगे इस मामले को लेकर ब्राह्मण समाज आंदोलन करेगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

यह बयान दुखद: JDU

वहीं, अपने सहयोगी दल के नेता के मुंह से इस तरह के बयान को सुनकर JDU भी आहत है। JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस बयान को काफी दुखद बताया है। उन्होंने कहा है, ‘यह बयान भारतीय संविधान के मूल से बिल्कुल अलग है। यह दुखद बयान है। किसी समाज को इस तरफ से आहत नहीं किया जा सकता है। यह गलत है।’

2014 में सवर्णो को बता चुके हैं विदेशी

मांझी इससे पहले भी अपने विवादित बयान के लिए जाने जाते रहे हैं। नवंबर 2014 में उन्होंने सवर्णों को विदेशी बताया था। बेतिया में एक कार्यक्रम के दौरान सवर्णों (उच्च जाति के लोग) को विदेशी और उन्हें आर्यन का वंशज तथा विदेश से आना वाला बताया था।

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