निजी अस्पताल अगर कोरोना पॉजिटिव मरीज का इलाज करेंगे और इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं देंगे तो उनपर कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के निजी अस्पतालों को पत्र भेजकर चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके यहां यदि एंटीजन जांच में कोई भी कोरोना पॉजिटिव मिलता है या इलाज के लिए भर्ती होता है तो सबसे पहले उस मरीज की आरटीपीसीआर जांच कराई जाए और डिटेल पोर्टल पर अपलोड की जाए। फिर स्वास्थ्य विभाग को तुरंत इसकी जानकारी भेजी जाए। स्वास्थ्य विभाग उस मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री पता करेगा कि वह कहां से आया है।
वहीं, मरीज के संपर्क में आने वाले सभी लोगों की कोरोना जांच कराएगा। सीएस डॉ. विनय कुमार शर्मा ने कहा कि निजी अस्पताल में मरीज अगर भर्ती होता है और वह कोरोना पॉजिटिव मिलता है तो उसे जानकारी देना अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग को बिना जानकारी दिए इलाज करने पर कार्रवाई की जाएगी। दो दिन पूर्व जूरन छपरा स्थित एक निजी अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद मरीज का अता-पता नहीं होने पर शुक्रवार को सिविल सर्जन ने यह निर्देश जारी किया।

जिले में विदेश से आए 105 लाेगाें की काेराेना जांच
काेराेना के नए वैरिएंट के बीच जिले में विदेश से आए 205 लोगों में स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक 105 की ही कोरोना जांच कर सकी है, जबकि 100 लोग अभी ट्रेसलेस हैं। विभाग इन्हें नहीं ढूंढ़ पा रहा है। हालांकि, टीम उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रही है। कोरोना जांच अधिकारी मनोज कुमार ने बताया, स्वास्थ्य मंत्रालय से अभी तक 205 लोगों की सूची भेजी गई है। इसमें 105 लोगों से संपर्क हुआ है। घर जाकर इनकी एंटीजन व आरटीपीसीआर दोनों जांच कराई गई है। इसमें काेई भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं है।





Leave a Reply