ओमिक्रॉन को लेकर पूरा देश डरा है, लेकिन पटना में लापरवाही जारी है। ओमिक्रॉन के 15 संदिग्धों की अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ पाई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का विदेश से आने वालों का डेटा भी 10 दिसंबर के बाद से अपडेट नहीं हुआ है। इसकी जानकारी ने पटना की सिविल सर्जन को है और न प्रशासन को। मौजूदा समय में पटना में 7 ऐसे संक्रमित हैं, जो विदेश से लौटे हैं।
पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह ने बताया, ’10 दिसंबर तक विदेश से आने वाले 1720 लोगों में से सिर्फ 632 की ट्रेसिंग हुई है। इनमें 387 का सैंपल लिया गया, जिनमें 302 कोरोना निगेटिव पाए गए हैं।’
जिनोम सिक्वेंसिंग की नहीं आई रिपोर्ट
सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी सिंह का कहना है कि अब तक 15 लोगों का सैंपल भेजा गया है। इनमें 3 इंग्लैंड, 2 सिंगापुर और 2 दुबई से आने वाले व उनके सीधा संपर्क में आने वाले लोग शामिल हैं। सैंपल भेजा गया है, लेकिन रिपोर्ट मेरे पास नहीं है। रिपोर्ट WHO के पास आती है। अब तक का क्या स्टेटस है इसकी मुझे जानकारी नहीं है। सिविल सर्जन का कहना है कि नए स्ट्रेन को लेकर तैयारी है और जांच के साथ कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर विशेष रूप से काम किया जा रहा है।

सिविल सर्जन से सीधा सवाल
: पटना में विदेशियों की जांच का क्या स्टेटस है?
सिविल सर्जन : मुझे 10 दिसंबर के बाद से डेटा नहीं दिया गया है।
अगर एक सप्ताह से आपको जानकारी नहीं दी गई है तो यह गंभीर मामला है?
सिविल सर्जन : बात कर लेते हैं, आज डेटा मंगाते हैं।
जांच हो भी रही है या नहीं, यह कैसे पता चलेगा?
सिविल सर्जन : जांच हो रही है, लेकिन रिपोर्ट मुझे नहीं भेजी गई है।
जानिए, ओमिक्रॉन का क्या है खतरा
पटना में हाल में इंग्लैंड, सिंगापुर, लंदन और दुबई से आने वाले कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। विदेश यात्रा से वापस आने वालों के संपर्क में आए लोग भी कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। विदेशी लगातार पटना में आ रहे हैं। राजधानी के कारण पटना में खतरा अधिक है। जिस खतरनाक वायरस से पूरा विश्व चिंता में है उसे लेकर पटना में कोई चिंता नहीं है। इस चूक से बिहार में कोरोना के नए स्ट्रेन का मामला अचानक से बढ़ सकता है।



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