गोपालगंज में ससुराल वालों ने दहेज के लिए चार महीने की गर्भवती बहू की ह’त्या कर दी। मामला बुधवार का है। ह’त्या के बाद श्मशान ले जाकर शव को पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की गई। लेकिन, मौके पर पहुंची पुलिस ने अध’जले श’व को अपने क’ब्जे में लेकर पोस्टमॉ’र्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आ’रोपी फ’रार हो गए।



महिला की ह’त्या के बाद कागजी का’र्रवाई करती पुलिस।
2015 में हुई थी शादी
सीवान जिले के टड़वा गांव की जानकी देवी की शादी 6 साल पहले हुई थी। 2015 में गोपालगंज के हरपुर गांव के रहने वाले बीरेंद्र महतो के बेटे सिंटू महतो के साथ उसकी शादी हुई। दोनों की शादी हिन्दू रीति रिवाज से धूम-धाम से हुई थी। जानकी देवी जब पांच साल की थी, तभी उसके पिता का साया उसके सिर से उठ गया। पिता की मौत के बाद भाई बहन ने मिलकर उसकी शादी बड़े धूम-धाम से की शादी में तीन लाख रुपए की मांग की गई थी। लेकिन मृतका का भाई नंदलाल चौहान दो लाख रुपए ही ससुराल वालों को दे पाया।


ससुराल में हत्या के बाद मृतक महिला के परिजन।
मायके पक्ष का आरोप
मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति समेत ससुराल के लोग मृतका को दहेज के लिए परेशान करते थे। प्रताड़ित कर मारपीट करते परिजनों से बात नहीं करने देते थे। बार बार दहेज में बाकी एक लाख रुपए की मांग की जा रही थी। मृ’तक की बहन ने उसके पति, सास, ससुर पर हत्’या करने का आ’रोप लगाया है। मृतका के बहन सुभावती देवी ने बताया कि दहेज के लिए हत्या कर दी गई। ह’त्या के बाद श’व’ को श्मशान ले जाकर पेट्रोल से जलाया जा रहा था, जिसकी सूचना पुलिस को दी गयी। पुलिस अधजले शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल लेकर आई।

क्या बोले इंस्पेक्टर
नगर इंस्पेक्टर ललन कुमार ने दहेज हत्या की धाराओं में एफआइआर दर्ज कर लिया है। वहीं, पुलिस ने फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। गोपालगंज में दहेज के लिए नवविवाहिता की हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले तीन दिसंबर को मीरगंज में दहेज के लिए नौ माह की गर्भवती शिल्पी कुमारी की हत्या कर दी गयी थी। जिसमें पुलिस अब तक आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।



Leave a Reply