कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दहशत के बीच विदेशियों की ब्रेक जर्नी संक्रमण की चेन बना सकती है। जांच से बचने के लिए विदेश यात्रा से लौटने वाले दिल्ली से ही हवाई यात्रा छोड़ रहे हैं। हवाई यात्रा भी कर रहे हैं तो रूट डायवर्ट कर पहले ब्रेक जर्नी मार रहे हैं। 3 दिनों में 60 से अधिक ऐसे यात्रियों को पकड़ा गया है जो ब्रेक जर्नी कर आंख में धूल झोंकना चाहते थे। पकड़ में आने के बाद ऐसे लोगों की जांच कराने के साथ वैक्सीनेशन किया जा रहा है।
विदेश यात्रा वाले नहीं कराना चाहते जांच
विदेश यात्रा से आने वाले कोरोना की जांच नहीं कराना चाहते हैं। पटना एयरपोर्ट पर भी वह इससे बचने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। लेकिन, विदेशियों को लेकर एयरपोर्ट पर अलर्ट करने के बाद अब वह तरह-तरह का बहाना कर रहे हैं। कोई दिल्ली में जांच की बात करता है तो कोई जांच हुई लेकिन रिपोर्ट भूल जाना बताता है। जांच के लिए लगी टीम का कहना है कि हर दिन ऐसे मामले आ रहे हैं जो दबाव बनाते हैं कि जांच नहीं करानी पड़े। गाइडलाइन है कि इस कारण जबरन भी जांच कराई जा रही है। जांच टीम में शामिल हेल्थ वर्करों का कहना है कि जांच से बचने के लिए ब्रेक जर्नी कर रहे हैं।
एयरपोर्ट पर हुआ बड़ा खुलासा
पटना एयरपोर्ट पर 3 दिनों में 60 से अधिक ऐसे लोगों को पकड़ा गया है जो गल्फ कंट्री से लेकर अन्य देशों से आए हैं। लेकिन, वह ब्रेक जर्नी कोलकाता व अन्य एयरपोर्ट से करके पटना पहुंचे। इस बीच वह दो चार दिनों तक ब्रेक जर्नी कर लिए। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि 30 लोग दिल्ली से कोलकाता की फ्लाइट पकड़ लिए और लगेज में लगे टैग को साफ करने के बाद पटना एयरपोर्ट पहुंच गए। वह पकड़ में भी नहीं आते लेकिन जब वैक्सीनेशन की पड़ताल की गई तो दूसरे देश का डेटा मिला जिसके बाद 30 लोगों को पकड़कर उनकी जांच कराई गई। ऐसे ही एक-एक कर 3 दिनों में 60 से अधिक लोगों को पकड़ा गया है जो ब्रेक जर्नी कर पटना पहुंचे।
ब्रेक जर्नी इसलिए बनेगी खतरनाक
विदेश से आने वाले दिल्ली में फ्लाइट छोड़ ट्रेन या प्राइवेट टैक्सी पकड़ रहे हैं। ब्रेक जर्नी सिर्फ जांच के लिए किया जा रहा है और कुछ ऐसे हैं जो वैक्सीन के कारण ब्रेक जर्नी मार रहे हैं। ऐसे में खतरा बढ़ सकता है। ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की निगरानी और जांच नहीं बढ़ाई गई तो आने वाले समय में खतरा बढ़ सकता है। सरकार का पूरा जोर एयरपोर्ट पर है और जांच के लिए अगर रेलवे स्टेशन पर कोई सख्ती नहीं हुई तो संक्रमण का ग्राफ बढ़ सकता है। सिविल सर्जन पटना, डॉ. विभा कुमारी सिंह ने बताया कि टीम जांच कर रही है। लेकिन, सवाल यह है कि जब तक सख्ती नहीं बढ़ेगी तो संक्रमण को लेकर बिहार की चुनौती बढ़ जाएगी। अब तक पटना में साढ़े 6 सौ से अधिक लोग विदेश यात्रा से वापस आए हैं, इसमें अब तक 50 प्रतिशत की भी जांच नहीं हो पाई है।





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