सैनिक अनुज कुमार सिंह पिछले दिनों जम्मू कश्मीर में शहीद हो गए थे। जिले के शंभूगंज प्रखंड अतर्गत बंसीपुर में रविवार शाम उन्हें अंतिम विदाई दी गई। बंसीपुर के प्रेमचंदजी के 4 बेटे हैं। चारों भारत माता के सेवा में लगे हैं। अनुज कुमार सिंह जो कि पिछले 5 वर्षों से देश की सेवा में लगे थे। परिजनों ने बताया कि आगामी 10 दिसंबर को यह भी अपनी दुल्हन को देखने आने वाले थे। मगर शायद किस्मत को कुछ और मंजूर था। एक बेटी अपने वीर शहीद सैनिक के इंतजार में पलके बिछाए रह गई।
शहीद अनुज कुमार सिंह की शादी लगभग तय हो चुकी थी। वह इसी सप्ताह बांकी के रस्मों के लिए अपने गांव आने वाले थे। लेकिन, आतंकी गोलियों के शिकार हो गए। शहीद अनुज कुमार के परिवार में कुल 4 भाई थे जिसमें सभी की शादी हो चुकी थी। पूरा परिवार लाल की मंगनी में व्यस्त थे। मगर परिवारवालों को क्या पता था बेटा सेहरा पहनने के लिए तिरंगे में लिपटा आएगा।

आज तड़के सुबह लगभग 5 बजे शहीद अनुज सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। जहां हजारों की भीड़ पहले से मौजूद थी। शहीद की एक झलक पाने के लिए हजारों की भीड़ चीख पुकार में बदल गई। पूरा वातावरण गमगीन हो गया। इसी बीच अनुज सिंह अमर रहे का नारा गूंज उठा। जिले के कई नामचीन हस्तियों का तांता लगा था। इसी कड़ी में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अश्वनी चौबे भी शहीद के पिता से मिलकर उनके हौंसले को बढ़ाते देखे गए।
जमुई की वर्तमान विधायक श्रेयशी सिंह के अलावे काटोरिया की विधायक निक्की हेम्ब्रम भी अपनी संवेदना व्यक्त करने शहीद के गांव पहुंची थीं। दोपहर बाद शहीद अनुज सिंह की शव यात्रा पूरे धूमधाम से निकाली गई। भारत माता की जय और शहीद अनुज कुमार सिंह अमर रहे के नारे के साथ सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा में देश के वीर सपूत पंचतत्व में विलीन हो गए।




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