समस्तीपुर जिला के जिस विद्यालय में 70 के दशक में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पढ़ाई की थी, आज उसका हाल बदहाल है। हम बात कर रहे हैं दलसिंहसराय में 1954 में स्थापित राष्ट्रीय उच्च विद्यालय की जो अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर है। जानकारी के अनुसार विद्यालय के नवम वर्ग में 208 और दशम वर्ग में 286 बच्चे नामांकित हैं।
जहां वर्तमान में प्रभारी प्रधानाध्यापक को मिलाकर 8 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। वहीं, बीते चार वर्ष से क्लर्क का पद रिक्त है। वहीं हिंदी में 14 वर्ष, अंग्रेजी में 4 वर्ष, स्मार्ट क्लास में 4 वर्ष से शिक्षक का पद भी रिक्त पड़ा हुआ है। इस वजह से बच्चों की भी पढ़ाई बाधित हो रही है। किसी तरह हिंदी व अंग्रेजी की पढ़ाई पूरी करवाई जा रही है।


दलसिंहसराय राष्ट्रीय उच्च विद्यालय का कमरा जर्जर।
4 कमरे पूर्णत: क्षतिग्रस्त
वर्ष 1998 से ही विद्यालय की स्थिति बिगड़ने लगी थी। वर्तमान समय में विद्यालय के चार कमरे पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उसकी दीवारों में दरार पड़ गई है तो छत का परत भी टूटकर गिर चुका है। इसको लेकर 2006 में वर्तमान MLA स्व. राम लखन महतो के और 2007 में वर्तमान MLC वासुदेव प्रसाद सिंह के अथक प्रयास से खाली पड़ी जमीन पर अलग-अलग कुछ कमरों का निर्माण करवाया गया। जिसमें से एक को प्रयोगशाला व एक को कंप्यूटर कक्ष में संचालित किया जा रहा है। स्कूल के पुराने भवन में मात्र प्रधानाध्यापक कक्ष व शिक्षक कक्ष कार्यरत हैं।
1998 से स्कूल की स्थिति जर्जर
स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक शंभूनाथ चौधरी का कहना है कि 1998 से इसकी स्थिति जर्जर है। इसको लेकर जो भी एचएम आए वह लगातार अधिकारियों से पत्राचार करते रहे। वहीं एचएम मौजी गोप ने तत्कालीन डीएम को पत्र भेजकर विद्यालय की स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद डीएम ने अधिकारी की टीम भेजकर इसकी जांच करवाते हुए तत्काल उन कमरों में पढ़ाई पर रोक लगाया था।

इसके बाद तत्कालीन विधायक सह विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद सिंह व वर्तमान विधायक आलोक कुमार मेहता को भी वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। सभी से सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है कि जल्द ही नए भवन का निर्माण कराया जाएगा।



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