BIHARBreaking NewsSTATE

आज से छठ महापर्व शुरू, गंगा नदी में स्नान कर व्रतियों ने मनाया नहाय-खाय

नहाय-खाय के साथ आज से छठ महापर्व की शुरुआत हो गई। मौके पर पटना में छठ पूजा करने वाली महिलाओं और पुरुषों ने गंगा नदी में स्नान किया। सोमवार सुबह से छठ व्रत करने वाले लोग गंगा घाट पर पहुंचने लगे। गंगा स्नान के बाद उन्होंने नए कपड़े पहने। महिलाओं ने अपने माथे पर सिंदूर लगाई। वहीं, कुछ लोगों ने घरों पर भी पूजा-अर्चना की।

श्रद्धालु छठ के प्रसाद और पकवान के लिए गंगा घाट से ही मिट्टी अपने घर ले जाते हैं। व्रती मिट्टी का चूल्हा बनाती हैं। फिर उसी चूल्हे पर महापर्व का प्रसाद बनता है। इसके बाद नहाय-खाय का प्रसाद बनता है। जिसमें, भात, सेंधा नमक से कद्दू दाल और सब्जियां बनती हैं। इस महापर्व का व्रत काफी कठिन होता है। व्रत करने वाले लोग नहाय खाय का प्रसाद नमक के रूप में आखिरी बार खाते हैं। फिर आखिरी दिन पारण के बाद ही वो नमक से बना खाना या कोई पकवान खाते हैं।

छठ महापर्व 4 दिनों तक चलता है। पहले दिन नहाय-खाय होता है। दूसरे दिन खरना होता है। तीसरे दिन ढ़लते और चौथे दिन उगते सूर्य को नदी या तालाब में खड़े होकर व्रत करने वाले लोग अर्घ्य देते हैं। खरना के दिन गुड़ की खीर, रोटी और चावल के आटे से लड्डू बनाई जाती है। छठ पूजा में सबसे बड़ा प्रसाद ठेकुआ होता है।

छठ महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय करतीं महिलाएं।

छठ महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय करतीं महिलाएं।

नहाय-खाय से छठ पूजा के सामान की खरीदारी शुरू हो जाएगी। इनमें टोकरी, लोटा, फल, मिठाई, नरियल, गन्ना, सब्जी इकठ्ठा शामिल हैं। इसके अलावा दूध-जल के लिए एक ग्लास, शकरकंदी और सुथनी, पान, सुपारी और हल्दी, मूली और अदरक का हरा पौधा, बड़ा मीठा नींबू, शरीफा, केला और नाशपाती, पानी वाला नारियल, मिठाई, गुड़, गेहूं, चावल और आटे से बना ठेकुआ, चावल, सिंदूर, दीपक, शहद और धूप व नए कपड़े खरीदे जाएंगे।

छठ पूजा 2021 का कार्यक्रम
8 नवंबर 2021,सोमवार- (नहाय-खाय)
9 नवंबर 2021, मंगलवार-(खरना)
10 नवंबर 2021,बुधवार- (डूबते सूर्य को अर्घ्य)
11 नवंबर 2021, शुक्रवार- (उगते सूर्य को अर्घ्य)

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.