मुजफ्फरपुर के महालक्ष्मी गणेश मंदिर में दीवाली के अवसर पर गुरुवार को 2 क्विंटल लड्डू का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद भव्य पूजा की जाएगी। इसमें करीब 1 लाख श्रद्धालु शहर के कोने कोने से पहुंचते है। बताया गया कि जिले के लक्ष्मी चौक स्थित महालक्ष्मी गणेश मंदिर का पुराना इतिहास है। यहां के पुजारी हरिकिशोर त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 1921 से पूजा होती चली आ रही है। मंदिर के करीब 100 वर्ष हो चुके है। तब से से लेकर अभी तक मंदिर में दीवाली के दिन भव्य पूजा होती है।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से श्रद्धालु नहीं आ पा रहे थे। लेकिन, इस दीवाली श्रद्धालुओं की आने की उम्मीद है। इसको लेकर सारी तैयारियां कर ली गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1921 के वक़्त मंदिर झोपड़ी नुमा था। उस समय भी पूजा होती थी। इसके बाद करीब 20 वर्ष बाद गुम्बत नुमा मंदिर का निर्माण कराया गया था। पूर्व में इस मंदिर में मिट्टी से बने मूर्तियों को स्थापित कर पूजा किया जाता था जिसे पूजा के बाद विसर्जित किया जाता था।
उन्होंने कहा कि इसके बाद वर्ष 2011 में मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। जिसके बाद श्रद्धालुओ की संख्या और बढ़ने लगी। अब यहां स्थायी मूर्ति है। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन से पूर्व मंदिर में 3 क्विंटल लड्डुओं का भोग लगता था। लेकिन, इस वर्ष 2 क्विंटल का लगेगा।


उन्होंने बताया कि दीवाली के दिन मंदिर भव्य तरीके से पूजा अर्चना की जाती है। सुबह से भक्त मंदिर पहुंचने लगते है। उन्होंने बताया कि करीब 1 लाख तक श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। रात करीब 1 बजे के बाद से भिड़ कम होने लगती है। वताया जाता है कि दीवाली को देखते हुए मंदिर के आसपास करीब 50 से 60 मीटर की दूरी तक बिजली की व्यवस्था की जाती है। ताकि, किसी भी श्रद्धालु को दिक्कते नही आ सके। बताते चले की भाड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचते है।




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