जिन पंचायतों को नगर पंचायत बनाया गया है, वहां मनरेगा के तहत नयी योजनाओं को शुरू नहीं किया जाएगा। यही नहीं छोटी योजनाओं को दिसंबर तक पूरा करना होगा। पुल-पीसीसी सड़क आदि को तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया गया है। बकाये का भुगतान भी दिसंबर तक करने की हिदायत दी गयी है। भागलपुर जिले में पीरपैंती के महेशराम, सबौर, जगदीशपुर के हबीबपुर और सुल्तानगंज के अकबरनगर पंचायत को नगर पंचायत बनाया गया है।
मनरेगा आयुक्त सी सी खंडूजा ने सूबे के सभी डीएम सह जिला कार्यक्रम समन्वयकों को दिशा-निर्देश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि जो ग्राम पंचायत नगर निकाय में परिवर्तित हो गया है। उन ग्राम पंचायतों में कोई भी नया कार्य प्रारंभ नहीं किया जाए। यदि ऐसा कोई मामला पाया जाता है तो ऐसे मामले में योजना पर व्यय की गयी कुल राशि की वसूली कार्यक्रम पदाधिकारी और संबंधित कर्मियों से की जाएगी।


मनरेगा के अंतर्गत सार्वजनिक कार्यों जैसे पीसीसी सड़क, पुलिया का निर्माण आदि कार्य अगर प्रारंभ भी किया गया है तो ‘जहां जैसे हैं’ की स्थिति में बंद कर दिया जाए। सभी अपूर्ण कार्यों को 31 दिसंबर तक पूर्ण कराने को कहा गया है। मजदूरी और सामग्री का भुगतान हर हाल में 31 दिसंबर तक करने का निर्देश दिया गया है।

मनरेगा योजना के अंतर्गत निजी और सार्वजनिक जमीन पर पौधा का देखभाल 31 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद निजी जमीन में लगाये गये पौधों की देखभाल लाभुक स्वयं करेंगे। सार्वजनिक जगहों पर लगाये गये पौधों को ‘वृक्ष पट्टा’ योजना के तहत नव पोषकों को आवंटित कर दिया जाएगा। कहा गया है कि पूर्व में भी निर्देश दिया गया। लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।

चार नगर पंचायतों में 377 योजनाएं लंबित
पंचायत से बनाये गये चार नगर पंचायतों में मनरेगा की 377 योजनाएं लंबित है। हालांकि उसमें अधिकांश पौधारोपण, सोख्ता निर्माण, ईंट सोलिंग, पशु शेड आदि छोटी-छोटी योजनाएं शामिल हैं। महेशराम पंचायत में 165, सबौर में 27, हबीबपुर में 36 और अकबरनगर में 149 योजनाएं लंबित हैं। इनमें नौ पीसीसी और दो पुलिया का निर्माण कार्य भी शामिल है।




Leave a Reply